जमशेदपुर। शहर के मानगो स्थित माधव बाग कॉलोनी में आदिवासी समाज का पारंपरिक और आस्था से जुड़ा वहा पर्व श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक उमंग के साथ मनाया गया। सुबह से ही कॉलोनी का माहौल भक्तिमय हो गया था। पारंपरिक वेशभूषा में सजे महिला-पुरुष, ढोल-नगाड़ों की थाप और लोकगीतों की गूंज ने पूरे क्षेत्र को पर्वमय बना दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ठाकुर दा हासदा ने की। पूजा-अर्चना की जिम्मेदारी पुजारी खाराराम बेसरा ने निभाई। उन्होंने विधि-विधान के साथ भगवान और प्रकृति की आराधना कर समाज की सुख-समृद्धि, शांति और आपसी भाईचारे की कामना की। इस अवसर पर गिड्डू मांझी, राहुल बेसरा, किशन बिसरा, राजा राम, राजू, मोहन और राम सहित समाज के कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। सभी ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए सामूहिक रूप से पर्व मनाया।
वहा पर्व प्रकृति, धरती और सामुदायिक एकता का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग अपने पूर्वजों को स्मरण करते हैं और अच्छी फसल, स्वास्थ्य एवं सामाजिक समरसता की कामना करते हैं। कार्यक्रम स्थल को रंग-बिरंगे झंडों और फूलों से सजाया गया था। बच्चों और युवाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं, जिनमें पारंपरिक नृत्य और गीत शामिल रहे। महिलाओं ने समूह में पारंपरिक नृत्य कर वातावरण को और अधिक जीवंत बना दिया।
इस पावन अवसर पर सामाजिक संस्था “माय कंट्री इज माय फैमिली” की ओर से मुख्य अतिथियों एवं समाज के वरिष्ठ सदस्यों को फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया गया। संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसे पारंपरिक पर्व समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से परिचित कराते हैं। उन्होंने समाज में एकता, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने का आह्वान भी किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर सामाजिक एकता और सौहार्द बनाए रखने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और उत्साह का विशेष ध्यान रखा गया। माधव बाग कॉलोनी में आयोजित यह वहा पर्व सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनकर उभरा।

