Breaking
स्वर्णरेखा किनारे पत्थरों पर उकेरी मतदान जागरूकता की अनोखी तस्वीर जमशेदपुर। मानगो नगर निगम चुनाव को लेकर पूरे मानगो सहित कोल्हान और झारखंड राज्य में लोकतंत्र का पर्व मनाया जा रहा है। 23 फरवरी को होने वाले मतदान को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है। इसी क्रम में शहर के वरिष्ठ चित्रकार विशेंद्र नारायण सिंह ने मतदाताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से एक अनोखी पहल की है। विशेंद्र नारायण सिंह ने इस बार अपनी कला का प्रदर्शन कागज या कैनवास पर नहीं, बल्कि स्वर्णरेखा नदी के किनारे घाटों के पत्थरों पर किया है। मानगो से साकची को जोड़ने वाले जेपी सेतु पुल से गुजरने वाले राहगीरों की नजर इन पत्थरों पर बनी पेंटिंग पर पड़ते ही मतदान के प्रति जागरूकता का संदेश स्वतः मिल रहा है। नदी किनारे प्राकृतिक परिवेश में बनाई गई यह पेंटिंग लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है और लोकतांत्रिक अधिकार के प्रति सजग रहने की प्रेरणा दे रही है। अपनी कलाकृति के माध्यम से उन्होंने नगर निगम चुनाव की मतदान प्रक्रिया को सरल ढंग से समझाने का प्रयास किया है। पेंटिंग में दो अलग-अलग रंग की मतपत्र पर्चियों को दर्शाया गया है। गुलाबी पर्ची मेयर प्रत्याशी के लिए और सफेद पर्ची वार्ड पार्षद प्रत्याशी के लिए दर्शाई गई है। चित्र में यह संदेश दिया गया है कि मतदाता दोनों पर्चियों पर संबंधित प्रत्याशियों के सामने मुहर लगाकर अपने मताधिकार का सही उपयोग करें और सोच-समझकर अपने प्रतिनिधि का चयन करें। विशेंद्र नारायण सिंह ने अपनी पेंटिंग के माध्यम से एक प्रभावशाली नारा भी दिया है—“आओ मानगो को स्वच्छ बनाएं, एक वोट से मेयर चुन लाएं।” इस नारे के जरिए उन्होंने साफ-सुथरे, विकसित और जिम्मेदार शहर के निर्माण में नागरिकों की भागीदारी पर जोर दिया है। उनका कहना है कि लोकतंत्र की मजबूती मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है और हर नागरिक का एक-एक वोट शहर के भविष्य को दिशा देता है। स्थानीय लोगों ने इस रचनात्मक पहल की सराहना की है। कई राहगीरों ने पत्थरों पर बनी इस अनोखी कला को देखकर कलाकार की सोच और सामाजिक सरोकार की प्रशंसा की। चुनावी माहौल के बीच इस तरह की कलात्मक जागरूकता न केवल आकर्षण का केंद्र बनी है, बल्कि मतदान के महत्व को भी प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचा रही है। मानगो नगर निगम चुनाव को लेकर प्रशासन भी मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील कर रहा है। ऐसे में विशेंद्र नारायण सिंह की यह पहल लोकतंत्र के इस महापर्व को और अधिक सार्थक बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायी प्रयास माना जा रहा है।
Sun. Feb 22nd, 2026

माधव बाग कॉलोनी में धूमधाम से मनाया गया वहा पर्व, ‘माय कंट्री इज माय फैमिली’ ने किया सम्मान समारोह

जमशेदपुर। शहर के मानगो स्थित माधव बाग कॉलोनी में आदिवासी समाज का पारंपरिक और आस्था से जुड़ा वहा पर्व श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक उमंग के साथ मनाया गया। सुबह से ही कॉलोनी का माहौल भक्तिमय हो गया था। पारंपरिक वेशभूषा में सजे महिला-पुरुष, ढोल-नगाड़ों की थाप और लोकगीतों की गूंज ने पूरे क्षेत्र को पर्वमय बना दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता ठाकुर दा हासदा ने की। पूजा-अर्चना की जिम्मेदारी पुजारी खाराराम बेसरा ने निभाई। उन्होंने विधि-विधान के साथ भगवान और प्रकृति की आराधना कर समाज की सुख-समृद्धि, शांति और आपसी भाईचारे की कामना की। इस अवसर पर गिड्डू मांझी, राहुल बेसरा, किशन बिसरा, राजा राम, राजू, मोहन और राम सहित समाज के कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। सभी ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए सामूहिक रूप से पर्व मनाया।

वहा पर्व प्रकृति, धरती और सामुदायिक एकता का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग अपने पूर्वजों को स्मरण करते हैं और अच्छी फसल, स्वास्थ्य एवं सामाजिक समरसता की कामना करते हैं। कार्यक्रम स्थल को रंग-बिरंगे झंडों और फूलों से सजाया गया था। बच्चों और युवाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं, जिनमें पारंपरिक नृत्य और गीत शामिल रहे। महिलाओं ने समूह में पारंपरिक नृत्य कर वातावरण को और अधिक जीवंत बना दिया।

इस पावन अवसर पर सामाजिक संस्था “माय कंट्री इज माय फैमिली” की ओर से मुख्य अतिथियों एवं समाज के वरिष्ठ सदस्यों को फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया गया। संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसे पारंपरिक पर्व समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से परिचित कराते हैं। उन्होंने समाज में एकता, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने का आह्वान भी किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर सामाजिक एकता और सौहार्द बनाए रखने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और उत्साह का विशेष ध्यान रखा गया। माधव बाग कॉलोनी में आयोजित यह वहा पर्व सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनकर उभरा।

Related Post

You Missed

स्वर्णरेखा किनारे पत्थरों पर उकेरी मतदान जागरूकता की अनोखी तस्वीर जमशेदपुर। मानगो नगर निगम चुनाव को लेकर पूरे मानगो सहित कोल्हान और झारखंड राज्य में लोकतंत्र का पर्व मनाया जा रहा है। 23 फरवरी को होने वाले मतदान को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है। इसी क्रम में शहर के वरिष्ठ चित्रकार विशेंद्र नारायण सिंह ने मतदाताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से एक अनोखी पहल की है। विशेंद्र नारायण सिंह ने इस बार अपनी कला का प्रदर्शन कागज या कैनवास पर नहीं, बल्कि स्वर्णरेखा नदी के किनारे घाटों के पत्थरों पर किया है। मानगो से साकची को जोड़ने वाले जेपी सेतु पुल से गुजरने वाले राहगीरों की नजर इन पत्थरों पर बनी पेंटिंग पर पड़ते ही मतदान के प्रति जागरूकता का संदेश स्वतः मिल रहा है। नदी किनारे प्राकृतिक परिवेश में बनाई गई यह पेंटिंग लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है और लोकतांत्रिक अधिकार के प्रति सजग रहने की प्रेरणा दे रही है। अपनी कलाकृति के माध्यम से उन्होंने नगर निगम चुनाव की मतदान प्रक्रिया को सरल ढंग से समझाने का प्रयास किया है। पेंटिंग में दो अलग-अलग रंग की मतपत्र पर्चियों को दर्शाया गया है। गुलाबी पर्ची मेयर प्रत्याशी के लिए और सफेद पर्ची वार्ड पार्षद प्रत्याशी के लिए दर्शाई गई है। चित्र में यह संदेश दिया गया है कि मतदाता दोनों पर्चियों पर संबंधित प्रत्याशियों के सामने मुहर लगाकर अपने मताधिकार का सही उपयोग करें और सोच-समझकर अपने प्रतिनिधि का चयन करें। विशेंद्र नारायण सिंह ने अपनी पेंटिंग के माध्यम से एक प्रभावशाली नारा भी दिया है—“आओ मानगो को स्वच्छ बनाएं, एक वोट से मेयर चुन लाएं।” इस नारे के जरिए उन्होंने साफ-सुथरे, विकसित और जिम्मेदार शहर के निर्माण में नागरिकों की भागीदारी पर जोर दिया है। उनका कहना है कि लोकतंत्र की मजबूती मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है और हर नागरिक का एक-एक वोट शहर के भविष्य को दिशा देता है। स्थानीय लोगों ने इस रचनात्मक पहल की सराहना की है। कई राहगीरों ने पत्थरों पर बनी इस अनोखी कला को देखकर कलाकार की सोच और सामाजिक सरोकार की प्रशंसा की। चुनावी माहौल के बीच इस तरह की कलात्मक जागरूकता न केवल आकर्षण का केंद्र बनी है, बल्कि मतदान के महत्व को भी प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचा रही है। मानगो नगर निगम चुनाव को लेकर प्रशासन भी मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील कर रहा है। ऐसे में विशेंद्र नारायण सिंह की यह पहल लोकतंत्र के इस महापर्व को और अधिक सार्थक बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायी प्रयास माना जा रहा है।