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एक्सएलआरआई और सेंटिफिक ग्लोबल टेक्नोलॉजीज के बीच करार से प्रबंधन शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का समावेश, छात्रों को मिलेगा वैश्विक अनुभव

जमशेदपुर |देश के शीर्ष प्रबंधन संस्थानों में शुमार एक्सएलआरआई – जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गुरुवार को वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी सेंटिफिक ग्लोबल टेक्नोलॉजीज के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है। दोनों संस्थानों के बीच यह करार 4 फरवरी 2026 को हुआ। इस साझेदारी के माध्यम से अब छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन की कृत्रिम बुद्धिमत्ता संबंधी चुनौतियों और समाधानों का व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा।

भारत जैसे देश में, जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता तेजी से रोजगार और व्यवसाय के स्वरूप को बदल रही है, यह करार युवा प्रबंधकों को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। सेंटिफिक ग्लोबल टेक्नोलॉजीज एक वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता और जनरेटिव कृत्रिम बुद्धिमत्ता विशेषज्ञ कंपनी है, जो माइक्रोसॉफ्ट और अमेजॉन जैसी बड़ी कंपनियों के साथ कार्य करती है। एक्सएलआरआई के साथ यह साझेदारी कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुसंधान, परामर्श, कार्यकारी प्रशिक्षण और उद्योग सहभागिता पर केंद्रित रहेगी।

इस करार के तहत दोनों संस्थान मिलकर कई व्यावहारिक और नवाचार आधारित कार्यक्रम संचालित करेंगे। शीर्ष कार्यपालक अधिकारियों की नेतृत्व वार्ता श्रृंखला के अंतर्गत विश्व की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और उद्योग विशेषज्ञ एक्सएलआरआई परिसर में आकर या आभासी माध्यम से छात्रों से संवाद करेंगे। इससे विद्यार्थियों को उद्योग की वास्तविक चुनौतियों, अनुभवों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता रणनीतियों की जानकारी मिलेगी।

इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों को वास्तविक व्यावसायिक अध्ययन प्रकरणों पर कार्य करने का अवसर मिलेगा, जहां वे यह समझ सकेंगे कि किस प्रकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से कंपनियों ने लागत कम की या नई विपणन रणनीतियां विकसित कीं। कार्यरत पेशेवरों के लिए विशेष कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशिक्षण कार्यशालाएं और पाठ्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे, जिससे वे डिजिटल परिवर्तन की दिशा में स्वयं को सशक्त बना सकें।

इस साझेदारी का एक प्रमुख उद्देश्य ऐसे नेतृत्वकर्ताओं का निर्माण करना है, जो व्यवसाय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावी उपयोग में दक्ष हों। इससे संस्थान के विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होने की संभावना भी बढ़ेगी, क्योंकि कंपनियां तकनीक-सक्षम प्रबंधकों को प्राथमिकता दे रही हैं।

समझौता ज्ञापन के अवसर पर एक्सएलआरआई की ओर से प्रो. कनगरराज अयालुसामी (संयोजक – कॉर्पोरेट संबंध) ने हस्ताक्षर किए, जबकि सेंटिफिक ग्लोबल टेक्नोलॉजीज की ओर से लक्ष्मी नरसिम्हन रंगाचारी (महाप्रबंधक – भारत) और पूजा माइकल एंथनी (सहायक उपाध्यक्ष) ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर प्रो. राहुल शुक्ला (अध्यक्ष – प्रवेश), प्रो. हर्षित कुमार सिंह, प्रो. फरहीन फातिमा शेख सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि एक्सएलआरआई पहले से ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता और प्रौद्योगिकी आधारित प्रबंधन शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रहा है, लेकिन सेंटिफिक ग्लोबल टेक्नोलॉजीज जैसी वैश्विक कंपनी के साथ यह उसका पहला बड़ा समझौता है। अनुमान है कि वर्ष 2025 से 2030 के बीच भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। ऐसे में यह पहल छात्रों को तकनीक-आधारित प्रबंधन कौशल से सुसज्जित कर उन्हें नेतृत्व की नई भूमिकाओं के लिए तैयार करेगी।

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