चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमारडुंगी प्रखंड में डायन बिसाही के आरोप में महिला और उसके पुत्र की निर्मम हत्या के मामले में पीड़ित परिवार को त्वरित राहत प्रदान की गई है। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, चाईबासा ने कॉस्ट फंड से 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई।
झालसा, रांची के कार्यकारी अध्यक्ष सह झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद ने घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला प्राधिकार को निर्देश दिया था कि शोक संतप्त परिजनों को तत्काल राहत पहुंचाई जाए। उनके निर्देश के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शाकिर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सचिव रवि चौधरी को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
निर्देशों के अनुपालन में पीड़ित कोल्हान सिंकू को 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। सचिव रवि चौधरी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही अधिकार मित्रों की दो अलग-अलग टीमें गठित की गईं। एक टीम पीड़ित परिवार के घर पहुंची, जबकि दूसरी टीम सदर अस्पताल में समन्वय और सहयोग के लिए तैनात रही।
विधिक सहायता सुनिश्चित करने के लिए पैनल अधिवक्ता प्रमोद प्रसाद को नियुक्त किया गया है। वहीं, प्रखंड स्तर पर अधिकार मित्र संतोष कुमार गौड़ को परिवार के निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को खाद्य सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है।
इसके अलावा, पीड़ित मुआवजा योजना के तहत अंतरिम राहत के लिए आवेदन प्राप्त कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही परिवार को राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की पहल की जा रही है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की अमानवीय घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जागरूकता अभियान भी लगातार चलाए जाएंगे।

