थैलेसीमिया जैसी गम्भीर बीमारी से जंग हार चुकी प्रियंका मुखर्जी के द्वितीय पुण्यतिथि पर नर सेवा. नमः आंखों से ऐसे ही मानव कल्याणकारी कार्य के जरिए माता-पिता, चिर परिचितों ने अर्पण किया भावभीनी श्रद्धांजलि।
जमशेदपुर–
दो वर्ष पूर्व. जमशेदपुर के कदमा निवासी रही प्रियंका मुखर्जी, पिता देवीदास मुखर्जी माता मणिककंना मुखर्जी ( जो भी प्रियंका के साथ मिली उसके व्यवहार कुशलता, मृदुभाषी, परोपकारी, शालीनता के कायल हो जाते ) आज से ठीक दो वर्ष पूर्व यानी 19 फरवरी 2024 को, अदम्य साहस लिए, थैलेसीमिया जैसी गम्भीर बीमारी से जंग लडते हुए, अलविदा कह गए थे. उनका जाना मानो परिवार के उपर पहाड़ टूटने जैसा था. जिसका कमी माता-पिता, परिवार एवं चिर परिचितों के बीच हमेशा खलेगी। 19 फरवरी 2026, दिल में पत्थर रख माता-पिता ने, टीम पीएसएफ के सहयोग से अपने लाडली प्रियंका मुखर्जी के द्वितीय पुण्यतिथि पर, सिर्फ और सिर्फ नर सेवा ही नारायण सेवा, इसी उद्देश्य को सामने रख, समर्पित किया जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र स्थित पार्वती घाट के पीछे स्थित नव जागृत मानव समाज कुष्ठ आश्रम यानी अंत्योदया भवन परिसर में वहां रह रहे जरुरतमंदों को कराया स्वादिष्ट भोजन. और ऐसे ही मानव कल्याणकारी कार्य के जरिए अपने लाडली प्रियंका मुखर्जी को अर्पण हुआ भावभीनी श्रद्धांजलि. आज प्रतीक संघर्ष फाउंडेशन यानी टीम पीएसएफ भी नमः आंखों से शत-शत नमन करते हुए प्रियंका मुखर्जी को अर्पण किया श्रद्धांजलि।ईस दौरान टीम पीएसएफ के निदेशक अरिजीत सरकार, कुमारेस हाजरा, किशोर साहू, उत्तम कुमार गोराई, रवि शंकर, उपस्थित रहे।

