टी20 विश्व कप 2026 में जिम्बाब्वे ने एक और बड़ा उलटफेर करते हुए मेजबान श्रीलंका को छह विकेट से करारी शिकस्त दी। ब्रायन बेनेट की विस्फोटक अर्धशतकीय पारी की बदौलत सिकंदर रजा की अगुवाई वाली टीम ने 179 रनों के लक्ष्य को तीन गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। इस जीत के साथ जिम्बाब्वे ने ग्रुप स्टेज का समापन अजेय रहते हुए किया और सुपर-8 में शानदार एंट्री की। गुरुवार को कोलंबो में खेले गए 38वें मुकाबले में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 178 रन बनाए थे। जवाब में जिम्बाब्वे ने 19.3 ओवर में 182 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने अच्छी शुरुआत की। शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बटोरते हुए पावरप्ले का फायदा उठाया। मध्यक्रम ने भी जिम्मेदारी निभाई और नियमित अंतराल पर विकेट गिरने के बावजूद स्कोर को 170 के पार पहुंचाया। श्रीलंका ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 178 रन बनाए, जो कोलंबो की पिच पर एक प्रतिस्पर्धी स्कोर माना जा रहा था। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने अंतिम ओवरों में रन गति पर कुछ हद तक अंकुश लगाया, जिससे श्रीलंका 190 के पार नहीं पहुंच सका।
बेनेट का तूफान, लक्ष्य हुआ आसान
179 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत संतुलित रही। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद ब्रायन बेनेट ने मोर्चा संभाला। उन्होंने तेज़तर्रार बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। बेनेट ने अपनी अर्धशतकीय पारी में आक्रामक शॉट्स लगाए और रन गति को कभी धीमा नहीं होने दिया। उनकी पारी ने मैच का रुख पलट दिया। अंतिम ओवरों में सिकंदर रजा और अन्य बल्लेबाजों ने संयम बनाए रखा और टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। जिम्बाब्वे ने 19.3 ओवर में चार विकेट खोकर 182 रन बनाए और तीन गेंद शेष रहते मुकाबला जीत लिया।
अजेय अभियान, ग्रुप-बी में नंबर-1
इस जीत के साथ जिम्बाब्वे ने ग्रुप-बी में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। टीम ने लीग चरण में चार मुकाबले खेले, जिनमें से तीन में जीत दर्ज की, जबकि एक मैच बेनतीजा रहा। सात अंकों और +1.506 के नेट रन रेट के साथ जिम्बाब्वे अंक तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गया। मेजबान श्रीलंका, जिसने छह अंक अर्जित किए, दूसरे स्थान पर खिसक गई। उसका नेट रन रेट +1.741 रहा, जो जिम्बाब्वे से बेहतर होने के बावजूद अंकों के लिहाज से पीछे रह गया। ग्रुप-बी से जिम्बाब्वे और श्रीलंका की टीमें पहले ही सुपर-8 के लिए क्वालिफाई कर चुकी थीं।
जिम्बाब्वे का यह प्रदर्शन किसी एक मैच तक सीमित नहीं रहा। इससे पहले उसने अपने लीग मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को भी हराकर टूर्नामेंट का बड़ा उलटफेर किया था। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ जीत ने यह संकेत दे दिया था कि जिम्बाब्वे इस बार सिर्फ भागीदारी के लिए नहीं, बल्कि चुनौती पेश करने के इरादे से उतरा है। मौजूदा विश्व कप में जिम्बाब्वे को ‘डार्क हॉर्स’ के रूप में देखा जा रहा है।

