जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के मूलनिवासी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन कर यूजीसी बिल 2026 को शीघ्र लागू करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों से अवगत कराया।
सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि यूजीसी बिल 2026 पर उच्चतम न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक को अविलंब हटाया जाए, ताकि उच्च शिक्षा संस्थानों में लंबित सुधार प्रक्रियाएं आगे बढ़ सकें। संघ ने विश्वविद्यालयों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग एवं धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों के लिए आरक्षित शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों को तत्काल भरने की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से आरक्षित पद खाली पड़े हैं, जिससे सामाजिक न्याय की भावना प्रभावित हो रही है।
प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय परिसरों में जाति, धर्म और लिंग के आधार पर होने वाले भेदभाव को समाप्त करने के लिए ठोस नीति बनाने की आवश्यकता जताई। इसके साथ ही भारतीय न्याय व्यवस्था में एक स्वतंत्र आयोग के गठन तथा देशभर में समान शिक्षा प्रणाली लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रतिनिधिमंडल ने वर्ष 2027 में देशव्यापी जातिगत जनगणना अनिवार्य रूप से कराए जाने की भी मांग रखी।
भारतीय ओबीसी विचार मंच के कार्यकारी अध्यक्ष विजय यादव ने कहा कि यदि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो विरोध प्रदर्शन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मूलनिवासी संघ के जिला अध्यक्ष कपिल देव ठाकुर, मनोज गुप्ता, गौतम कुमार दास, हरेन्दर सहित संगठन के कई सदस्य उपस्थित थे। प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल भी तैनात रहे।

