जमशेदपुर। 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 44 वीर जवानों की स्मृति में शनिवार को ग्रुप केंद्र, सीआरपीएफ, जमशेदपुर द्वारा गोलमुरी पुलिस लाइन परिसर स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और जवानों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर अमर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा दो मिनट का मौन रखकर उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
समारोह की अध्यक्षता उप महानिरीक्षक डॉ. जयदेव केसरी ने की। उन्होंने शहीद स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए अपने संबोधन में कहा कि पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर किया गया हमला आतंकवाद की कायराना साजिश थी, जिसका उद्देश्य देश की सुरक्षा व्यवस्था और बल के मनोबल को कमजोर करना था। उन्होंने कहा कि शहीद जवानों का त्याग और बलिदान राष्ट्र के लिए अमिट प्रेरणा है। सीआरपीएफ ने हर कठिन परिस्थिति में साहस, अनुशासन और समर्पण का परिचय दिया है और आगे भी देश की एकता एवं अखंडता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
उन्होंने जवानों से आह्वान किया कि वे शहीदों के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और राष्ट्र सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। कार्यक्रम के दौरान शहीदों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति को याद करते हुए उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।
इस अवसर पर उप महानिरीक्षक (चिकित्सा) डॉ. उर्मिला गाड़ी, कमांडेंट पंकज सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एस.जी.) डॉ. मीणा नवीन कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी नवीन कुमार, सहायक कमांडेंट जफर आलम, सहायक कमांडेंट तरुण कुमार बेरा सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले ने पूरे देश को शोकाकुल कर दिया था। इस हमले में सीआरपीएफ के 44 जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था। हर वर्ष इस दिन देशभर में शहीदों की स्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। जमशेदपुर में आयोजित यह समारोह भी उन अमर वीरों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता और सम्मान की सशक्त अभिव्यक्ति रहा।

