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नीलकंठ दिवस पर आनंद मार्ग जागृति गदरा में अखंड कीर्तन, सेवा और त्याग की प्रेरणा

जमशेदपुर। शनिवार को आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से आनंद मार्ग जागृति गदरा में नीलकंठ दिवस श्रद्धा और संकल्प के साथ मनाया गया। इस अवसर पर तीन घंटे का “बाबा नाम केवलम्” अखंड कीर्तन आयोजित किया गया। यह दिवस श्री श्री आनंदमूर्ति की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्हें वर्ष 1973 में पटना के बांकीपुर सेंट्रल जेल में कथित रूप से विष दिए जाने की घटना से जोड़ा जाता है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उनके जीवित रहने को आनंदमार्गी त्याग और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक मानते हैं।

कार्यक्रम में आनंद मार्ग के केंद्रीय महासचिव आचार्य प्रणवेशानंद अवधूत ने कहा कि मनुष्य को जीवन की हर कठिनाई का डटकर सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुसीबत को उपहार की तरह स्वीकार करने वाला ही बड़े कार्य कर सकता है। सुख और दुख जीवन के दो पहलू हैं और संघर्ष ही व्यक्ति को मजबूत बनाता है।

इस अवसर पर लगभग 300 जरूरतमंदों को भोजन कराया गया, 100 फलदार पौधों का वितरण किया गया तथा 100 साड़ी और धोती जरूरतमंदों के बीच बांटी गई। कार्यक्रम में आचार्य धर्मेन्द्रानंद अवधूत, आचार्या निर्मलप्राणा आचार्या, आचार्य चैतन्यानंद अवधूत, स्थानीय मार्गीगण और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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