चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले में नगर निकाय चुनाव के दौरान लागू आदर्श आचार संहिता के बीच चाईबासा नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी संतोषनी मुर्मू को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने उन पर चुनावी माहौल को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
इस संबंध में शनिवार को चाईबासा के खिरवाल धर्मशाला में भाजपा की ओर से एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता का नेतृत्व जिला अध्यक्ष गीता बालमुचू ने किया। इस दौरान पूर्व विधायक गोवर्धन नायक, पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश पुरी, जिला महामंत्री प्रताप कटिहार और जिला मीडिया प्रभारी जितेंद्र नाथ ओझा भी मौजूद रहे। नेताओं ने बताया कि पूरे मामले को लेकर रांची स्थित राज्य निर्वाचन आयोग को लिखित शिकायत भेजी गई है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता प्रभावी है, ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर की जाने वाली किसी भी कार्रवाई को सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए। आरोप लगाया गया कि नगर परिषद की ओर से चाईबासा बाजार क्षेत्र में फुटपाथ पर व्यवसाय करने वाले छोटे दुकानदारों को हटाने का दबाव बनाया जा रहा है। भाजपा का दावा है कि कुछ दुकानदारों को यह कहा गया कि यदि वे अपनी दुकान बचाना चाहते हैं तो उन्हें सरकार के मंत्री से संपर्क करना होगा, अन्यथा उनकी दुकान हटा दी जाएगी।
पार्टी नेताओं ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई से रोजाना फुटपाथ पर दुकान लगाकर आजीविका चलाने वाले लोग भय के माहौल में हैं। उनका कहना है कि यदि प्रशासन की ओर से इस प्रकार की सख्ती जारी रहती है तो चुनावी वातावरण की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। शिकायत पत्र में यह आशंका भी जताई गई है कि कहीं यह कदम किसी खास उम्मीदवार को लाभ पहुंचाने की मंशा से तो नहीं उठाया जा रहा है।
भाजपा ने मांग की है कि संतोषनी मुर्मू को तत्काल चुनाव संबंधी दायित्वों से अलग किया जाए, ताकि नगर निकाय चुनाव पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से संपन्न हो सके। वहीं, इस पूरे मामले पर नगर परिषद की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

