जमशेदपुर। साकची स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान बुधवार को पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया, जब श्रीरामलीला उत्सव समिति के तत्वावधान में भागवत कथा समिति द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली गई। धार्मिक आस्था और सनातन परंपरा की झलक प्रस्तुत करती इस कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
सुबह स्वर्णरेखा नदी तट से विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश में पवित्र जल भरकर यात्रा का शुभारंभ हुआ। लगभग 200 से अधिक महिलाएं सिर पर कलश धारण किए पारंपरिक वेशभूषा में भक्ति गीत गाते हुए चल रही थीं, वहीं 100 से अधिक पुरुष श्रद्धालु भी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ शामिल हुए। यात्रा हाथी-घोड़ा मंदिर, बस स्टैंड और 12 द्वारी मार्ग होते हुए पुनः रामलीला मैदान पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में “हरे राम, हरे कृष्ण” और “जय श्रीराधे” के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
रामलीला मैदान पहुंचने के बाद विधिवत पूजन के साथ कलश स्थापना की गई। इसके उपरांत सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। दोपहर 3 बजे से भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिवस सूत जी महाराज ने अमृत वाणी पर आधारित श्रीमद्भागवत महापुराण का महात्म्य सुनाया। उन्होंने बताया कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को सद्कर्म, भक्ति और सत्य के मार्ग पर अग्रसर करने का दिव्य माध्यम है।
कथा के दौरान उन्होंने भागवत श्रवण के महत्व, उसके काल और उससे मिलने वाले आध्यात्मिक लाभों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा मनुष्य के जीवन में भक्ति भाव जागृत करती है और उसे मोह-माया से दूर कर ईश्वर के निकट ले जाती है। प्रथम दिन कपिल मुनि और भक्त ध्रुव की प्रेरणादायक कथा का श्रवण कराया गया। ध्रुव की अटूट भक्ति और दृढ़ संकल्प का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास से ही ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है।
वृंदावन धाम से पधार रहे प्रसिद्ध कथा वाचक स्वामी सर्वाज्ञानंद जी महाराज ने
कहा कि हमारी प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराएं केवल कथाएं नहीं, बल्कि जीवन को सफल और सार्थक बनाने की दिशा दिखाने वाली अमूल्य धरोहर हैं। भागवत कथा का श्रवण मन, वचन और कर्म की शुद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है और समाज में आध्यात्मिक जागरण का संचार करता है।
यह आयोजन रामलीला उत्सव ट्रस्ट तथा मुन्ना बाबू गुप्ता विश्वास रामकृष्ण मित्र मंडल के सहयोग से संपन्न हो रहा है। पहले दिन कथा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि शहरवासियों में धर्म और भक्ति के प्रति गहरी आस्था आज भी जीवंत है। आने वाले दिनों में भी कथा के माध्यम से भक्ति रस की अविरल धारा बहती रहेगी।क्या कार्यक्रम में ऊपरस्थित सदास्य गोपी बाबू ,सुभाष चंद्र शाह डॉक्टर डीपी शुक्ला शंकर लाल सिंघल मगन पांडे नीरज तिवारी रोहित मिश्रा जेके शर्मा इत्यादि लोग शमिल हुए टेस्टिंग द्वारिका शाह एवीएन उनकी धर्मपत्नी मिली में मिली भागवत एवीएन कलश में अपने पूर्व योगदान दिए और उन्हें भागवत को लेकर चल रहे हैं।

