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साकची रामलीला मैदान में 11 से 17 फरवरी तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन, वृंदावन धाम से पधारेंगे स्वामी सर्वाज्ञानंद जी महाराज

जमशेदपुर। साकची स्थित श्री रामलीला मैदान में आगामी 11 फरवरी से 17 फरवरी 2026 तक भव्य श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होने जा रहा है। इस संबंध में सोमवार को आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. डी.पी. शुक्ला और संयोजक मनोज मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि सात दिवसीय इस धार्मिक आयोजन में वृंदावन धाम से पधार रहे प्रसिद्ध कथा वाचक स्वामी सर्वाज्ञानंद जी महाराज अपने श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराएंगे। कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक आयोजित की जाएगी।

डॉ. डी.पी. शुक्ला ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य धर्म, भक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रसार करना है। कार्यक्रम का आयोजन राम-कृष्ण मित्र मंडल एवं श्री रामलीला उत्सव ट्रस्ट, जमशेदपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है, जिसमें विशिष्ट सहयोग स्वर्गीय मुन्ना बाबू गुप्ता ट्रस्ट का रहेगा। भागवत कथा समिति के मार्गदर्शक सुभाष चन्द्र साह हैं, जबकि संरक्षक के रूप में हरेराम सिंह, राम गोपाल चौधरी, गया प्रसाद चौधरी और शिव शंकर सिंह सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

आयोजन समिति की कार्यकारी जिम्मेदारी प्रदीप चौधरी एवं पवन अग्रहरी के पास है। महामंत्री शंकर लाल सिंघल, संयुक्त मंत्री रामकेवल मिश्र तथा कोषाध्यक्ष अनिल कुमार चौबे हैं। सह-कोषाध्यक्ष के रूप में रोहित कुमार मिश्र और मनीष मिश्र कार्यरत हैं। उपाध्यक्ष मंडल में नीरज तिवारी, बालाकृष्ण, पवन तिवारी, द्वारिका प्रसाद, अवधेश मिश्रा, प्रमोद खंडेलवाल, दिलीप तिवारी, सुरेश पाण्डे, मगन पाण्डे और महेश तिवारी शामिल हैं। सेवक के रूप में मनोज कुमार मिश्र तथा स्वयंसेवक समूह में संजय सिंह, विशाल शर्मा, मनोज तिवारी, गौरीशंकर, बसंत, अनुज, सात्तविक, गोकुल, हरी और आयुष सहित अनेक लोग सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

डॉ. शुक्ला ने आगे बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत 11 फरवरी को प्रातः 8 बजे भव्य कलश यात्रा से होगी, जो स्वर्णरेखा नदी के हाथी घोड़ा मंदिर से प्रारंभ होकर रामलीला मैदान, साकची पहुंचेगी। उसी दिन कपिल भगवान चरित्र, कपिल गीता एवं ध्रुव चरित्र का वर्णन होगा। 12 फरवरी को श्री जड़भरत कथा, अजामिल उपाख्यान एवं प्रहलाद चरित्र, 13 फरवरी को बलि-वामन प्रसंग के साथ श्रीराम जन्म, श्रीकृष्ण जन्म एवं नंदोत्सव, 14 फरवरी को श्रीकृष्ण लीला, गोवर्धन पूजा, झूला उत्सव एवं छप्पन भोग, 15 फरवरी को महारासलीला, उद्धव चरित्र, श्रीकृष्ण मथुरा गमन एवं रुक्मिणी विवाह, 16 फरवरी को सुदामा चरित्र, व्यास पूजन, श्री शुकदेव विदाई एवं होली उत्सव आयोजित किया जाएगा। समापन दिवस 17 फरवरी को सुबह 9 बजे से 1 बजे तक कथा, हवन एवं पूर्णाहुति तथा दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक श्री भागवत प्रसाद का वितरण होगा।

डॉ. डी.पी. शुक्ला ने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा में सहभागिता करने और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने की अपील की है।

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