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Wed. Feb 4th, 2026

कचरा मुद्दे पर सरयू राय का सियासी पलटवार, बन्ना गुप्ता से सार्वजनिक माफी की मांग

जमशेदपुर। कचरा प्रबंधन को लेकर उठे विवाद पर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिस सरकार में बन्ना गुप्ता मंत्री थे, उसी सरकार ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद सोनारी मरीन ड्राइव के पास कचरा गिराने पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद अब राजनीतिक लाभ के लिए सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

बुधवार को सरयू राय ने बयान जारी कर कहा कि मानगो नगर निगम और जेएनएसी का कचरा लंबे समय तक सोनारी में टाटा स्टील के खाली भूखंड पर डंप किया जा रहा था, जिससे वहां कचरे का पहाड़ खड़ा हो गया और आग लगने से पूरे इलाके में प्रदूषण फैल गया। स्थानीय लोगों की शिकायतों पर जब प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तब नागरिकों ने एनजीटी का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ठोस जवाब नहीं दे सका, जिसके बाद एनजीटी ने कड़ा रुख अपनाते हुए उस स्थान पर कचरा फेंकने पर रोक लगाने, आग बुझाने और कचरा हटाने का आदेश दिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि एनजीटी के आदेश के बाद तत्कालीन राज्य सरकार, जिसमें बन्ना गुप्ता मंत्री थे, ने न केवल वहां कचरा गिराने पर रोक लगाई बल्कि सफाई के लिए करोड़ों रुपये का टेंडर भी निकाला। ऐसे में यदि आज मानगो की गलियों और मोहल्लों में कचरा जमा है, तो उसकी जिम्मेदारी स्थानीय निकायों और सफाई व्यवस्था से जुड़े ठेकेदारों की है, न कि किसी विधायक की।

सरयू राय ने इसे नगर निकाय चुनावों से पहले जनता को गुमराह करने की कोशिश बताया और कहा कि राजनीतिक महत्वाकांक्षा में तथ्यहीन बयानबाजी की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर मोहल्लों में कचरा जमाव के लिए वास्तविक दोषी कौन है और पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता को अपनी गलतबयानी के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस पूरे मुद्दे को राजनीतिक रंग देना साफ तौर पर प्रशासनिक विफलताओं से ध्यान हटाने का प्रयास है।

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