जमशेदपुर। विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर कैंसर के प्रति जागरूकता, रोकथाम और प्रारंभिक जांच को बढ़ावा देने की दिशा में मेहरबाई टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल (एमटीएमएच) और टाटा स्टील फाउंडेशन की साझेदारी लगातार प्रभावी भूमिका निभा रही है। यह संयुक्त पहल जमशेदपुर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी संचालित की जा रही है, जहां जागरूकता और स्क्रीनिंग सुविधाओं की कमी के कारण कैंसर का पता अक्सर देर से चलता है। टाटा स्टील द्वारा मंगलवार को दी गई जानकारी के अनुसार एमटीएमएच की यह रणनीति उपचार के साथ-साथ रोकथाम और समय पर निदान को जनस्वास्थ्य का अहम हिस्सा बनाने पर केंद्रित है।
कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रारंभिक पहचान और रोकथाम को सबसे सशक्त उपाय माना जा रहा है। इसी उद्देश्य से एमटीएमएच द्वारा संचालित मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग यूनिट दूर-दराज के इलाकों में जाकर मौखिक, सर्वाइकल और स्तन कैंसर की जांच कर रही है। इस अभियान में टाटा स्टील फाउंडेशन समुदायों को जोड़ने और लोगों को जांच के लिए प्रेरित करने की अहम जिम्मेदारी निभा रहा है। मोबाइल यूनिट में मौखिक जांच, पैप स्मीयर और मैमोग्राफी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिला स्वास्थ्यकर्मी तैनात की गई हैं।
जांच में संदिग्ध पाए गए लोगों को तुरंत एमटीएमएच रेफर किया जाता है ताकि समय पर इलाज संभव हो सके। हाल के दिनों में पूर्वी सिंहभूम, कलिंगानगर और मेरामंडली जैसे क्षेत्रों में सैकड़ों लोगों की जांच की गई है। इसके साथ ही एमटीएमएच द्वारा एचपीवी जागरूकता और टीकाकरण अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसके तहत स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता सत्र आयोजित कर अब तक एक हजार से अधिक वैक्सीन डोज लगाए जा चुके हैं। इन प्रयासों से एमटीएमएच और टाटा स्टील फाउंडेशन ने यह साबित किया है कि सामुदायिक सहभागिता के जरिए कैंसर की रोकथाम को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा सकता है।

