सरायकेला।सरायकेला-खरसावां जिले में लंबे समय से सक्रिय चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गिरोह के कुख्यात अपराधी सुजित कुमार शर्मा उर्फ पुरी उर्फ कालू सरदार तथा उसके सहयोगी सागर मुंडा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं गिरोह से जुड़े तीन नाबालिगों को निरुद्ध कर विधि सम्मत कार्रवाई के लिए बाल सुधार गृह भेजा गया है।
शनिवार को पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत ने अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि राजनगर थाना कांड संख्या 111/2025, दिनांक 25 दिसंबर 2025 को दर्ज लूट के एक मामले के अनुसंधान के दौरान यह कार्रवाई की गई। इस मामले में आवेदक आशीष कुमार महतो ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात बदमाशों ने हथियार के बल पर उनका मोबाइल फोन और नकद राशि लूट ली थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण तथा गुप्त सूचना के आधार पर कई स्थानों पर छापेमारी की। इसी क्रम में सुजित शर्मा को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने न केवल इस घटना बल्कि जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुई कई अन्य चोरी और लूट की वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने सागर मुंडा को भी दबोच लिया तथा गिरोह में शामिल तीन नाबालिगों की पहचान कर उन्हें भी पकड़ लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटा गया मोबाइल फोन, नकद राशि, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, एक देसी कट्टा, जिंदा कारतूस और अन्य चोरी का सामान बरामद किया है। बरामद हथियार से स्पष्ट है कि गिरोह वारदात के दौरान हथियार का इस्तेमाल कर लोगों में दहशत फैलाता था।
एसपी लुणायत ने बताया कि सुजित शर्मा का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ राजनगर, बड़ाबाजार, चांडिल, कपाली समेत जिले के विभिन्न थानों में लूट, चोरी और आर्म्स एक्ट सहित दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उसके पुराने मामलों की भी पुनः समीक्षा कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित ठिकानों का पता लगाया जा सके।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह मुख्य रूप से सुनसान इलाकों और रात के समय राहगीरों को निशाना बनाता था। कई मामलों में ये लोग पहले रेकी करते थे और फिर मौका पाकर हथियार के बल पर लूटपाट करते थे। नाबालिगों का इस्तेमाल अक्सर निगरानी और भागने के रास्ते सुरक्षित करने के लिए किया जाता था।
गिरफ्तार दोनों वयस्क आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि नाबालिगों को किशोर न्याय अधिनियम के तहत निरुद्ध किया गया है। पुलिस अब बरामद सामान के आधार पर अन्य पीड़ितों की पहचान करने और लंबित मामलों के खुलासे की दिशा में आगे की कार्रवाई कर रही है।
एसपी ने कहा कि जिले में अपराध और आपराधिक गिरोहों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि में शामिल लोगों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

