चाईबासा: कराईकेला थाना कांड संख्या 06/2022, दिनांक 23.03.2022 के तहत अवैध हथियार रखने और प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन से जुड़े होने के मामले में न्यायालय ने अभियुक्त को सजा सुनाई है।
मामले में अभियुक्त मुर्गी बोदरा उर्फ विश्वनाथ बोदरा उर्फ दोडे, पिता बुढ़न बोदरा, निवासी सेरेंगदा, थाना कराईकेला, जिला पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा के विरुद्ध धारा 25(1-बी)ए एवं 25(6) आर्म्स एक्ट तथा 17 सीएलए एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
दिनांक 23.03.2022 को सुबह लगभग 7 बजे कराईकेला थाना को गुप्त सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति नकटी बाजार के पास घूम रहा है।
सूचना के आधार पर थाना प्रभारी दीपक क्रिएसन के नेतृत्व में छापामारी दल द्वारा नकटी बाजार पहुंचकर जांच की गई। इस दौरान एक व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगा, जिसे घेराबंदी कर पकड़ा गया।
तलाशी के दौरान अभियुक्त के कमर से एक देशी पिस्टल बरामद की गई, जिसकी मैगजीन में पांच जिंदा गोली मिली। पूछताछ में उसकी पहचान मुर्गी बोदरा उर्फ विश्वनाथ बोदरा उर्फ दोडे के रूप में हुई।
अनुसंधान के क्रम में चाईबासा पुलिस द्वारा अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। सभी साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से संकलित कर माननीय न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया गया।
मामले की सुनवाई सत्रवाद संख्या 430/2022 के तहत की गई। दिनांक 31.01.2026 को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम, चक्रधरपुर की अदालत ने अभियुक्त को धारा 25(1-बी)ए आर्म्स एक्ट में 4 वर्ष का कारावास एवं 5,000 रुपये जुर्माना, धारा 25(6) आर्म्स एक्ट में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5,000 रुपये जुर्माना तथा धारा 17(2) सीएलए एक्ट में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
न्यायालय के इस फैसले से अवैध हथियार और उग्रवादी गतिविधियों के विरुद्ध सख्त संदेश गया है।

