जमशेदपुर:सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर–एनएमएल) ने 29 से 31 जनवरी 2026 तक जमशेदपुर में आयोजित रेडिएंट झारखंड 2.0 एक्सपो में भाग लेकर अपनी तकनीकी और नवाचार क्षमताओं का व्यापक प्रदर्शन किया। इस एक्सपो का उद्देश्य झारखंड में अनुसंधान और विकास, कौशल विकास और संबद्ध क्षेत्रों में प्रगति को प्रदर्शित करना तथा उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और सरकार के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करना था।
सीएसआईआर–एनएमएल की भागीदारी पर टिप्पणी करते हुए निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधुरी ने कहा, “रेडिएंट झारखंड 2.0 में हमारी उपस्थिति यह दर्शाती है कि हम वैज्ञानिक अनुसंधान को व्यावहारिक और लागू करने योग्य प्रौद्योगिकियों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह क्षेत्रीय विकास को समर्थन देने, औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे राष्ट्रीय मिशनों में योगदान देने का एक महत्वपूर्ण कदम है।”
एक्सपो के दौरान, सीएसआईआर–एनएमएल ने धातुकर्म, खनिज प्रसंस्करण, उन्नत सामग्री विकास और सतत प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में अपनी तकनीकी क्षमताओं, चल रही अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं और नवाचार-आधारित पहलों को प्रदर्शित किया। प्रयोगशाला के स्टॉल को उद्योग प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं और आम आगंतुकों से विशेष रुचि प्राप्त हुई, जिनमें से कई ने भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया।
प्रदर्शनी समिति के अध्यक्ष और मुख्य वैज्ञानिक डॉ. के. गोपाला कृष्णा ने अपनी टीम के साथ मिलकर हितधारकों के साथ सक्रिय संवाद किया और क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप सीएसआईआर–एनएमएल के उद्योग-संबंधी समाधानों और अनुसंधान परिणामों को प्रस्तुत किया। इस दौरान टीम में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रीना वर्मा, डॉ. अमित सिन्हा और डॉ. प्रवीण कुमार भी शामिल थे, जिन्होंने तकनीकी प्रदर्शन और आगंतुकों के सवालों का उत्तर देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रदर्शनी का उद्घाटन पारंपरिक दीप प्रज्वलन समारोह के साथ किया गया, जिसमें डॉ. के. गोपाला कृष्णा, डॉ. संदीप घोष चौधुरी, डॉ. रीना वर्मा, डॉ. अमित सिन्हा, डॉ. प्रवीण कुमार सहित अन्य विशिष्ट गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस आयोजन ने उद्योग–अकादमिक साझेदारियों को सुदृढ़ करने और झारखंड के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में सीएसआईआर–एनएमएल की भूमिका को और मजबूत करने का एक प्रभावशाली मंच प्रस्तुत किया।

