जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिला में बुधवार को उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की पहल पर संचालित प्रोजेक्ट उल्लास के अंतर्गत मिर्गी रोग से पीड़ित मरीजों को दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जमीनी समीक्षा की गई। इसी क्रम में डीआरसीएचओ सह प्रोजेक्ट उल्लास के नोडल पदाधिकारी डॉ. रंजीत पांडा ने धालभूमगढ़, चाकुलिया एवं घाटशिला क्षेत्र का दौरा कर मिर्गी मरीजों से सीधा संवाद किया और योजना के तहत मिल रही सुविधाओं का फीडबैक लिया। इस दौरान डीपीसी हाकिम प्रधान भी उपस्थित रहे।
दौरे के दौरान डॉ. पांडा ने मरीजों से निःशुल्क उपचार, नियमित दवा की उपलब्धता और उपचार से स्वास्थ्य में आ रहे सुधार के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मरीजों ने प्रोजेक्ट उल्लास के माध्यम से समय पर दवा और चिकित्सकीय परामर्श मिलने पर संतोष व्यक्त किया तथा अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि नियमित उपचार से उनके स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
डीआरसीएचओ ने मरीजों को नियमित रूप से दवा सेवन करने, चिकित्सकों की सलाह का पालन करने और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट उल्लास का मुख्य उद्देश्य मिर्गी रोग से पीड़ित व्यक्तियों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।
उन्होंने यह भी बताया कि जिला प्रशासन प्रोजेक्ट उल्लास के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर लगातार निगरानी कर रहा है और फील्ड स्तर पर मरीजों से संवाद कर योजना की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि जरूरतमंदों को इसका पूरा लाभ मिल सके।

