जमशेदपुर।विश्व कैंसर दिवस (4 फरवरी) से पहले जमशेदपुर के टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) अपनी एकीकृत और सुलभ कैंसर देखभाल पर लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता को मजबूत कर रहा है। 1913 में स्थापित यह अस्पताल टाटा स्टील के सहयोग से झारखंड और पूर्वी भारत के लाखों लोगों के लिए स्वास्थ्य केंद्र रहा है। वैश्विक स्तर पर कैंसर के बढ़ते बोझ के बीच, जहां भारत में प्रतिवर्ष 14 लाख नए मामले दर्ज होते हैं, स्थानीय प्रणालियां शुरुआती पहचान और समय पर उपचार के लिए महत्वपूर्ण हैं। टीएमएच का व्यापक कैंसर देखभाल केंद्र चिकित्सा, शल्य चिकित्सा, विकिरण और बाल ऑन्कोलॉजी को एक छत के नीचे लाता है, जिससे मरीजों को रांची या कोलकाता जैसे शहरों की यात्रा से बचत होती है।अस्पताल की ऑन्कोलॉजी टीमें बहुविषयक ट्यूमर बोर्ड के माध्यम से जटिल मामलों का प्रबंधन करती हैं। चिकित्सा ऑन्कोलॉजी में नवीनतम कीमोथेरेपी, लक्षित दवाएं जैसे ट्रास्टुजुमाब और इम्यूनोथेरेपी (कीट्रूडा जैसी) उपलब्ध हैं। शल्य चिकित्सा में रोबोटिक सर्जरी और 3डी प्रिंटिंग से सहायता प्राप्त हेड-नेक, जीआई और गायने कैंसर सर्जरी होती हैं। विकिरण विभाग में आईएमआरटी और एसबीआरटी जैसी उन्नत तकनीकें सटीक उपचार सुनिश्चित करती हैं, जबकि बाल ऑन्कोलॉजी में आईसीसीएल प्रोटोकॉल का पालन होता है। प्रति वर्ष 5,000 से अधिक कैंसर मरीज यहां उपचारित होते हैं।एक उन्नत हेड-नेक कैंसर मामले में द्विपक्षीय मैक्सिलेक्टॉमी के बाद पुनर्निर्माण सफल रहा, जबकि एक अन्य में इम्यूनोथेरेपी से रोग स्थिरता मिली। ये उदाहरण संरचित योजना और फॉलो-अप की शक्ति दिखाते हैं। टीएमएच कैंसर जागरूकता शिविर, स्क्रीनिंग ड्राइव और समुदाय शिक्षा पर जोर देता है। विश्व कैंसर दिवस पर विशेष कैंप आयोजित होंगे। इस तरह, अस्पताल स्थानीय इकोसिस्टम को मजबूत कर घरेलू देखभाल को सशक्त बना रहा है।

