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Thu. Feb 5th, 2026

एनएच-33 पर टुसू मेला से लौट रहे ग्रामीणों की वैन दुर्घटनाग्रस्त, छह वर्षीय बच्ची की मौत, दर्जनभर से अधिक घायल

जमशेदपुर। एमजीएम थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में टुसू मेला देखकर लौट रहे ग्रामीणों की खुशियां मातम में बदल गईं। तुरियाबेड़ा से बेताकोचा टुसू मेला गए करीब 40 लोग जब अपने घर लौट रहे थे, तभी एनएच-33 पर भिलाई पहाड़ी के पास उनकी सवारी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में छह वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक बच्चे और उनके परिजन गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुरुवार रात करीब आठ बजे यात्रियों से भरी 407 वैन भिलाई पहाड़ी के पास निर्माणाधीन एलिवेटेड कॉरिडोर से गुजर रही थी। इसी दौरान किसी कारणवश वाहन अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर पर चढ़ गया। अचानक झटका लगते ही वैन में सवार लोग सड़क पर गिर पड़े, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए।

घटना की सूचना मिलते ही जिला पार्षद प्रतिनिधि पिंटू दत्ता घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल एमजीएम थाना पुलिस को जानकारी दी और अपने वाहन तथा पुलिस वाहन की मदद से सभी घायलों को एमजीएम अस्पताल भिजवाया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने एक बच्ची विनता मुंडा (6 वर्ष) को मृत घोषित कर दिया, जिससे परिजनों में कोहराम मच गया।

पिंटू दत्ता ने बताया कि शुरुआत में एमजीएम अस्पताल में चिकित्सकों और चिकित्सा कर्मियों की संख्या कम थी, जिसके कारण इलाज में देरी हो रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने पूर्व विधायक सह झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल षड़ंगी को इसकी सूचना दी। कुणाल षड़ंगी की पहल पर उपायुक्त के निर्देश से तुरंत अतिरिक्त चिकित्सकों को अस्पताल भेजा गया, जिसके बाद इलाज की व्यवस्था में तेजी आई।

हादसे में घायल कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों की निगरानी में सभी घायलों का इलाज जारी है। वहीं, सूचना पाकर देवघर पंचायत के मुखिया शशि सिंह समेत कई सामाजिक प्रतिनिधि और स्थानीय लोग भी अस्पताल पहुंचे और घायलों व उनके परिजनों की मदद में जुट गए।

एमजीएम थाना पुलिस ने घटना की जानकारी लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में दुर्घटना का कारण वाहन का संतुलन बिगड़ना बताया जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। प्रशासन की ओर से घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया गया है।

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