जमशेदपुर। साकची गोलचक्कर पर रविवार देर शाम वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से लाए जा रहे 100 से अधिक तोतों को जब्त किया। इस मामले में दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, धारा 39, धारा 44, धारा 49 और धारा 51 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
शहर में वन्यजीव तस्करी का एक गंभीर मामला सामने आया है। रविवार की देर शाम साकची गोलचक्कर के पास वन विभाग की टीम ने छापेमारी कर कोलकाता से अवैध रूप से लाए जा रहे 100 से अधिक तोतों को बरामद किया। इन तोतों को शहर के साकची और आसपास के इलाकों में बेचने की योजना थी। वन विभाग को इस अवैध कारोबार की गुप्त सूचना पहले ही मिल चुकी थी, जिसके आधार पर टीम ने साकची गोलचक्कर के पास निगरानी शुरू की और संदिग्ध ऑटो को रोककर तलाशी ली।
तलाशी के दौरान ऑटो में रखी एक पेटी से दर्जनों तोते बरामद किए गए, जिन्हें बेहद तंग और अमानवीय हालत में बंद कर लाया जा रहा था। मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो सीधे तौर पर तोतों की तस्करी में संलिप्त बताए जा रहे हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि कोलकाता से और भी तोते जमशेदपुर लाए गए हैं, जिन्हें शहर के अलग-अलग इलाकों में छिपाकर रखा गया है। इस खुलासे के बाद वन विभाग की टीम आरोपियों को साथ लेकर अन्य संभावित ठिकानों पर भी छापेमारी कर रही है।
मामले को लेकर डीएफओ सबा आलम अंसारी ने बताया कि सभी जब्त तोते कोलकाता से लाए गए थे और यह पूरी तरह से गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों की तस्करी एक गंभीर अपराध है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बरामद किए गए तोतों को सुरक्षित स्थान पर रखकर उनके स्वास्थ्य की जांच कराई जा रही है, ताकि आगे की प्रक्रिया के तहत उन्हें प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा।

