रांची।खूंटी जिले के एदेल संगा पड़हा राजा एवं अध्यक्ष सोमा मुंडा की अपराधियों द्वारा गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना से क्षेत्र में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है। इस घटना से विशेषकर सरना धर्मावलंबियों में गहरा रोष देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों और आदिवासी संगठनों का कहना है कि यह हत्या व्यक्तिगत रंजिश का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक साजिश का हिस्सा प्रतीत होती है। उनका आरोप है कि सोमा मुंडा आदिवासी समाज के एक सशक्त और प्रभावशाली नेतृत्वकर्ता थे, जिनकी आवाज को दबाने के उद्देश्य से इस वारदात को अंजाम दिया गया।
घटना के विरोध में आदिवासी समन्वय समिति ने 8 जनवरी को खूंटी बंद का आह्वान किया है। समिति ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, फास्ट ट्रैक जांच, तथा पीड़ित परिवार को न्याय और सुरक्षा देने की मांग की है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और जांच शुरू कर दी। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है।
उल्लेखनीय है कि सोमा मुंडा आदिवासी परंपरा, सरना धर्म और सामाजिक एकता के प्रबल समर्थक थे। उनकी हत्या को आदिवासी समाज अपने अस्तित्व और नेतृत्व पर हमला मान रहा है।

