नोवामुंडी। पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड में जंगली हाथी के हमले से जान गंवाने वाले ग्रामीणों के परिजनों से मुलाकात करने जगन्नाथपुर के विधायक एवं उप मुख्य सचेतक सोनाराम सिंकु घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों से मिलकर संवेदना व्यक्त की और हर संभव सरकारी सहायता व शीघ्र मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया। इस घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों सहित कुल छह ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई है।
जानकारी के अनुसार, जेटेया पंचायत के ग्राम बावड़िया मुंडा टोला में जंगली हाथी के हमले में सनातन मेरेल (50 वर्ष), झलक मोनी कुई (45 वर्ष), दयमंती मेरेल (8 वर्ष) और मुंगडू मेरेल (5 वर्ष) की मौत हो गई। वहीं बड़ापसिया टोला डुगुड़ वसा में हुए एक अन्य हमले में मंगल बोबोंगा (26 वर्ष)और एक अन्य ने अपनी जान गंवा दी। घटना की सूचना मिलते ही बावड़िया निवासी रूपसिंह लागुरी ने विधायक सोनाराम सिंकु को इसकी जानकारी दी।
सूचना मिलते ही विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त को दूरभाष पर घटना से अवगत कराया। इसके साथ ही उन्होंने अंचल अधिकारी नोवामुंडी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और वन विभाग के रेंजर से बात कर पीड़ित परिवारों को शीघ्र मुआवजा देने तथा राहत कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।
घटनास्थल पर पहुंचे विधायक सोनाराम सिंकु ने मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया और कहा कि इस कठिन घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने वन विभाग से हाथियों के बढ़ते आतंक पर प्रभावी नियंत्रण और प्रभावित गांवों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की भी मांग की।
घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से हाथी प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाने और स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। मौके पर स्थानीय मुखिया जेना पुरती और संजीत तिरिया भी मौजूद रहे। प्रशासन द्वारा मुआवजा प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

