आदित्यपुर। झारखंड में लंबे समय से लंबित नगर निकाय चुनावों को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। सरायकेला-खरसावां जिला के आदित्यपुर में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी ने नगर निगम कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन कर राज्य सरकार के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। भाजपा नेताओं ने एक स्वर में चुनाव की तिथि जल्द घोषित करने, दलीय आधार पर चुनाव कराने और ईवीएम के माध्यम से मतदान सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख हार के डर से नगर निकाय चुनावों को लगातार टाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल हाई कोर्ट के दबाव में चुनाव कराने की बात कर रही है, लेकिन उसकी नीयत साफ नहीं है। चुनाव नहीं कराकर आम जनता को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए घातक है।
भाजपा के प्रभारी दिनेशानंद गोस्वामी ने कहा कि नगर निकाय चुनाव नहीं होने के कारण राज्य में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अभाव में नगर निगमों में पारदर्शिता खत्म हो गई है और अधिकारी मनमाने ढंग से फैसले ले रहे हैं। जिला अध्यक्ष उदय प्रताप सिंहदेव ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव न होने से नगर निकायों में अधिकारियों का बोलबाला बढ़ गया है, जिससे भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है और आम नागरिक सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है।
पूर्व डिप्टी मेयर अमित सिंह बॉबी ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि बैलेट पेपर से चुनाव कराने की सरकार की कथित चालबाजी को भाजपा किसी भी हाल में सफल नहीं होने देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निकाय चुनाव केवल ईवीएम से और दलीय आधार पर ही कराए जाने चाहिए, ताकि निष्पक्षता और पारदर्शिता बनी रहे।
धरना-प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द चुनाव कराने की मांग को दोहराया। कार्यक्रम में भाजपा नेता रमेश हांसदा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाजपा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द नगर निकाय चुनाव की घोषणा नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

