तिलकुट–गुड़ उत्पादों की जांच, नमूने सील, बिना लाइसेंस दुकानों पर जुर्माना
लोहरदगाः आगामी मकर संक्रांति पर्व को देखते हुए उपायुक्त लोहरदगा डॉ. कुमार ताराचंद के निर्देशानुसार जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट खोरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. मोईन अख्तर के नेतृत्व में विशेष छापेमारी अभियान सह औचक निरीक्षण चलाया गया। अभियान के दौरान पावरगंज चौक के आसपास संचालित अस्थायी दुकानों में बेचे जा रहे तिल से निर्मित खाद्य पदार्थों की गहन जांच की गई। इस क्रम में भगन साव तिलकुट भंडार, शिव शक्ति तिलकुट भंडार एवं श्रीराम तिलकुट भंडार से सादा तिल, गुड़ तिलकुट, तिल लड्डू, चिक्की आदि के वैधानिक नमूने संग्रहित किए गए। वहीं थाना चौक स्थित फसफस स्टोर से काले एवं सफेद तिल का नमूना लिया गया। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने बताया कि नमूनों की जांच में तिल एवं गुड़ की गुणवत्ता के साथ-साथ गुड़ में रासायनिक एवं अखाद्य रंगों की मिलावट की भी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि पर्व के समय गुड़ की रंगत बढ़ाने के लिए कृत्रिम रंगों का प्रयोग स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। औचक निरीक्षण के दौरान साहु तिलकुट भंडार, गुप्ता तिलकुट भंडार, पूजा तिलकुट भंडार सहित दो अन्य प्रतिष्ठान बिना वैध फूड लाइसेंस के संचालित पाए गए। इन सभी पर कुल ₹5000 का अर्थदंड लगाया गया तथा तीन दिनों के भीतर फूड लाइसेंस के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया गया। सभी दुकानदारों को साफ-सफाई बनाए रखने, खाद्य सामग्री को फर्श पर रखने के बजाय स्टील प्लेट या ट्रे का उपयोग करने की सख्त हिदायत दी गई। विभाग ने स्पष्ट किया कि इस तरह का जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा और निर्देशों का पालन नहीं करने वालों पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी अभियान में सहायक कर्मी रजनीश कुमार भी मौके पर मौजूद थे।

