जमशेदपुर। शुक्रवार को जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव और अपने सहयोगियों के साथ मानगो नगर निगम चुनाव में आरक्षण व्यवस्था को लेकर उत्पन्न हो रही विसंगतियों और मानगो क्षेत्र में की जा रही पुलिस जांच से आम जनता को हो रही परेशानी के संबंध में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से दोनों मामलों में गंभीरता से जांच कर सुधारात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
सुबोध श्रीवास्तव ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि जिला प्रशासन द्वारा मानगो नगर निगम चुनाव के लिए वार्डवार आरक्षण सूची जारी की गई है, जिसमें सामान्य, पिछड़ा वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि आरक्षण की यह व्यवस्था स्वागत योग्य है, लेकिन वर्तमान में कई जनप्रतिनिधियों के जाति प्रमाणपत्र को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कुछ मामलों में जाति प्रमाणपत्र संदिग्ध या त्रुटिपूर्ण हैं, जिसके कारण वास्तविक आरक्षित वर्ग के योग्य उम्मीदवार चुनाव लड़ने से वंचित हो रहे हैं। इससे चुनाव की निष्पक्षता और सामाजिक न्याय की भावना प्रभावित हो रही है।
उन्होंने मांग की है कि प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए और सभी संभावित उम्मीदवारों के जाति प्रमाणपत्रों का सत्यापन सुनिश्चित करे, ताकि वास्तविक हकदारों को उनका संवैधानिक अधिकार मिल सके और आरक्षण का उद्देश्य पूरा हो।
पत्र में दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा मानगो क्षेत्र में पुलिस द्वारा की जा रही सघन जांच का उठाया गया है। सुबोध श्रीवास्तव ने बताया कि मानगो चौक सहित कई स्थानों पर लगातार पुलिस चेकिंग की जा रही है, जिससे आम नागरिकों, दैनिक यात्रियों, कामकाजी लोगों और व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा आवश्यक है, लेकिन जिस तरीके से जांच की जा रही है, उससे जनता में असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने सुझाव दिया है कि चेकिंग व्यवस्था की पुनः समीक्षा की जाए और आवश्यकता अनुसार इसे अन्य उपयुक्त स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि सुरक्षा भी बनी रहे और आम जनता को अनावश्यक परेशानी न हो।4
जदयू जिलाध्यक्ष ने उपायुक्त से इन दोनों विषयों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने की अपील की है। उनका कहना है कि समय रहते कदम उठाने से चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता भी बनी रहेगी और जनता का प्रशासन पर विश्वास भी मजबूत होगा।

