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अंधविश्वास में भाई ने ही दो भतीजों संग मिलकर कर दी सोयना मुंडा की हत्या

चांडिल।सरायकेला-खरसावां जिला स्थित चौका थाना क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ी गांव मुटुदा में हुई हत्या का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा करते हुए एक चौंकाने वाला सच सामने लाया है। पुलिस अनुसंधान में पता चला कि मृतक सोयना मुंडा की हत्या किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि उसके अपने ही परिजनों ने अंधविश्वास के वशीभूत होकर की थी।

जांच के दौरान यह तथ्य उजागर हुआ कि मामले के वादी हागड़ो मुंडा ने अपने भतीजों—45 वर्षीय पगला मुंडा और 23 वर्षीय मोहन मुंडा—के साथ मिलकर डायन-भूत के भ्रम में आकर सोयना मुंडा की हत्या की थी। हत्या के बाद आरोप से बचने के लिए हागड़ो मुंडा ने ही थाना में अज्ञात लोगों के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

पुलिस ने वैज्ञानिक तरीकों से जांच करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त मोहन मुंडा की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त फरसा भी बरामद कर लिया गया है। शुक्रवार को सभी अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

गौरतलब है कि 6 नवंबर को चौका थाना को सूचना मिली थी कि मुटुदा गांव में 57 वर्षीय सोयना मुंडा की हत्या कर दी गई है। सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुँची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और प्रारंभिक पूछताछ के बाद मामला दर्ज किया। मामले की छानबीन चौका थाना प्रभारी बजरंग महतो के नेतृत्व में की गई, जिसमें पुअनि भगवान प्रसाद गौड़ तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

पुलिस का कहना है कि अंधविश्वास के कारण हुई यह पारिवारिक हत्या समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

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