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सिंहभूम चैम्बर के सहयोग से आयोजित ईएसआईसी के पंजीकरण योजना ‘‘स्प्री-2025’’ एवं एमनेस्टी स्कीम से होने वाले लाभों से व्यवसायी एवं उद्यमी हुये अवगत*

सिंहभूम चैम्बर के सहयोग से चैम्बर भवन में आयोजित ईएसआईसी के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में ईएसआईसी के अधिकारियों ने विशेष पंजीकरण योजना ‘‘स्प्री-2025’’ एवं एमनेस्टी स्कीम के अंतर्गत लंबित कानूनी मामलों के समाधान के अवसरों एवं इनसे होने वाले लाभों नियोक्ता समस्याओं समाधान, स्वास्थ्य सुविधा के बारे में व्यवसायी एवं उद्यमियों को विस्तृत रूप में अवगत कराया। इस मौके पर ईएसआईसी के क्षेत्रीय निदेशक राजीव रंजन, उपनिदेशक शशि शेखर एवं आदित्यपुर ईएसआईसी हॉस्पिटल के मेडिकल अधीक्षक उपस्थित थे।

कार्यक्रम की शुरूआत अध्यक्ष मानव केडिया ने उपस्थित वक्ताओं एवं सदस्यों का स्वागत करते हुये की। इस अवसर पर उन्होनें कहा कि चैम्बर अपने जिम्मेदारियों के तहत हमेशा उद्यमी एवं व्यवसायी हित में लगातार कार्य करता रहा है। इसी कड़ी में ईएसआईसी में होने वाले लाभों एवं इसके तहत लंबित कानूनी मामलों से व्यवसायी एवं उद्यमियों की समस्याओं के समाधान हेतु इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसमें पंजीकरण से नियोक्ताओं एवं कर्मचारी दोनों को लाभ होता है। इसलिये 10 से अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को अपने प्रतिष्ठान एवं इसमें कार्यरत कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखकर इसमें पंजीकरण अवश्य कराना चाहिए।

इस अवसर पर महासचिव पुनीत कावंटिया ने विषय प्रवेश कराते हुये अतिथियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से चैम्बर सदस्यों एवं उनके प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों दोनों को भविष्य में लाभ होगा। महासचिव ने बताया कि सरकार को इस स्कीम को लाने का उद्देश् स्वैच्दिक अनुपालन को प्रोत्साहित करना है।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप मेें उपस्थित ईएसआईसी के क्षेत्रीय निदेशक राजीव रंजन ने कहा कि स्प्री-2025 योजना का शुभारंभ 1 जुलाई, 2025 को केन्द्रीय मंत्री डा0 मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश के शिमला में होने वाली बैठक में किया गया। जिसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2025 रखी गई है। स्प्री-2025 स्कीम नियोक्ताओं और कर्मचारियों को बिना किसी निरीक्षण या पिछले के रिकॉर्डस मांगे बिना ईएसआई प्रणाली में नामांकन या पंजीकरण करने का एक अवसर प्रदान करती है। यह योजना 10 या इससे अधिक कर्मचारियों वाले कारखानों, दुकानों, होटलों, रेस्तरां और अन्य ऐसी प्रतिष्ठानों के लिये बनाया गया है जो अभी तक ईएसआई अधिनियम के तहत पंजीकृत नहीं है। इसमें अनुबंध, आकस्मिक और संविदा श्रम शामिल हैं। इस स्कीम के तहत ईएसआईसी पोर्टल, श्रम सुविधा पोर्टल, एमसीए पोर्टल के माध्यम से अपने प्रतिष्ठानों और कर्मचारियों को डिजिटल रूप से पंजीकृत कर सकते हैं। पंजीकरण नियोक्ता द्वारा घोषित तिथि से वैध माना जायेगा। उन्होंने बताया कि इस तिथि से पहले की अवधि के लिये कोई निरीक्षण नहीं होगा और पिछली अवधि के लिये कोई योगदान नहीं मांगा जायेगा।

ईएसआईसी के उपनिदेशक शशि शेखर ने बताया कि यह योजना पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाती है, जिससे नियोक्ताओं के लिये पिछले दायित्वों के बोझ के बिना सामाजिक सुरक्षा नियमों का पालन करना आसान हो जाता है।

इस अवसर पर मेडिकल अधीक्षक डा0 पी.के. सिंह ने बताया कि इस योजना से पंजीकृत कर्मचारियों को ईएसआई अधिनियम के तहत आवश्यक स्वास्थ्य और सामाजिक लाभों तक पहुंच प्राप्त होगी जिसमें चिकित्सा देखभाल, बीमारी, गर्भावस्था, चोट या रोजगार के कारण मृत्यु के मामलों में नकद लाभ शामिल हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित चैम्बर उपाध्यक्ष हर्ष बाकरेवाल ने कहा इसके तहत आने वाले प्रतिष्ठानों में अवश्य पंजीकरण कराना चाहिए क्योंकि यह योजना भारत में सामाजिक सुरक्षा कवरेज को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है विशेष रूप असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिये।

अंत में उपस्थित सदस्यों ने उपस्थित वक्ताओं एवं अधिकारियों ने अपने-अपने प्रश्न पूछे जिनका जवाब उन्होंने दिया।

कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन सचिव बिनोद शर्मा ने की।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष अधिवक्ता राजीव अग्रवाल, अनिल मोदी, सचिव अंशुल रिंगसिया, भरत मकानी, एकलव्य राजन, प्रतीक अग्रवाल, आनंद चौधरी, बलराम प्रसाद, सीए अमित कुमार अग्रवाल, कमल मकाती, अधिवक्ता सतीश कुमार सिंह, मोहम्मद अरशद, सावन शर्मा, अनिल कुमार, प्रफुल राज, संजय चौधरी सहित कई कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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