जमशेदपुर: कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर अर्पण परिवार ने स्वर्णरेखा नदी तट पर श्रद्धालुओं के बीच भोग प्रसाद एवं चाय सेवा का भव्य आयोजन किया। यह आयोजन प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी पूरे श्रद्धा और सेवा भाव के साथ संपन्न हुआ।
प्रातःकाल से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु नदी तट पर पहुंचकर पवित्र स्नान, दीपदान और भगवान विष्णु की आराधना में लीन नजर आए। इस दौरान अर्पण परिवार के सदस्यों ने भक्तों को भोग प्रसाद एवं चाय वितरित कर सेवा, समर्पण और भक्ति की मिसाल पेश की।
आस्था और सेवा का संगम
अर्पण परिवार के सदस्यों ने कहा कि “कार्तिक पूर्णिमा केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि यह सेवा और समर्पण की जीवंत परंपरा का प्रतीक है। भक्तों की सेवा करना ही सच्चा धर्म और मानवता का सर्वोच्च रूप है।”
श्रद्धालुओं ने अर्पण परिवार के इस निरंतर सामाजिक योगदान की सराहना की और संगठन के प्रयासों की प्रशंसा की।
सफल आयोजन में सभी की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम के सफल संचालन में अर्पण परिवार के सभी सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई और उपस्थित श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शामिल रहे:
जुगुन पाण्डेय, अप्पू तिवारी, बिभास मजूमदार, घनश्याम भीरभरिया, सूरज बाग, मनोज हालदार, कमलेश पाठक, रंजीत झा, अशोक राय, शुरु पात्रो, सागर चौबे, लखीकांतो घोष, रोहित, गणपत नाग, अमित, सुजल राव एवं सिंटू।

