चाईबासा।पश्चिमी सिंहभूम जिला स्थित सोनुवा प्रखंड के बालजुड़ी गांव में अंधविश्वास ने एक और जान ले ली। गांव के ही कुछ लोगों ने 60 वर्षीय जमुना पूर्ति को डायन-बिसाही का आरोप लगाकर बेरहमी से हत्या कर दी और शव को गोईलकेरा जाने वाली पुलिया (पोटोलोर) के पास फेंक दिया। शुक्रवार की सुबह जब ग्रामीण शौच के लिए निकले, तो पुलिया के नीचे सड़ा-गला शव देखकर सनसनी फैल गई।
जानकारी के अनुसार, मृतका जमुना पूर्ति अपने छोटे बेटे शिवकुमार पूर्ति की पत्नी सुखमती पूर्ति और बेटी सूर्यमणि कुंकल के साथ गांव में रहती थी। रविवार की रात वह अचानक घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद गुजरात और चेन्नई में मजदूरी कर रहे उनके दोनों बेटे – शिवकुमार और सनातन पूर्ति – को सूचना दी गई, जो तत्काल गांव पहुंचे और मां की तलाश में जुट गए।
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने पुलिस को समय रहते सूचना दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आखिरकार शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों ने पुलिया के पास शव देखे जाने की खबर थाना को दी, जिसके बाद सोनुवा थाना प्रभारी शशि बाला भेंगरा दल-बल के साथ मौके पर पहुंचीं और शव को कब्जे में लिया।
महिला का शव बुरी तरह सड़-गल चुका था, जिससे चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल में पोस्टमार्टम संभव नहीं हो सका। बाद में शव को एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर भेजा गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि महिला की हत्या उसके ही घर में धारदार हथियार से की गई थी और सबूत मिटाने के लिए शव को गांव से दूर फेंक दिया गया।
मृतका के बड़े बेटे सनातन पूर्ति ने ग्रामीणों पर हत्या का आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी मां को लंबे समय से गांव में डायन कहकर प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि घटना से दो दिन पहले रामेश्वर पूर्ति नामक व्यक्ति नशे में यह कहते सुना गया था कि “आज किसी की हत्या करेंगे, कोई कुछ नहीं कर पाएगा।” सनातन ने कहा कि अगर पुलिस ने पहले दी गई सूचना पर कार्रवाई की होती, तो उसकी मां की जान बचाई जा सकती थी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है।सोनुवा थाना प्रभारी शशि बाला भेंगरा जांच में लग गए हैं। उन्होंने कहा कि अपराधियों को जल्द पकड़ा जाएगा।

