रांची : झारखंड में नक्सल विरोधी मोर्चे पर मिली अब तक की सबसे बड़ी सफलता को केंद्र सरकार ने सम्मानित किया है। बोकारो जिले के लुगु पहाड़ में अप्रैल 2025 में हुई मुठभेड़ में विशेष सुरक्षा बल और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने एक करोड़ रुपये के इनामी कुख्यात नक्सली विवेक समेत आठ उग्रवादियों को मार गिराया था। इस अभियान ने नक्सलविरोधी कार्रवाई के इतिहास में नया अध्याय जोड़ा था। केंद्र सरकार ने इस वीरता की सराहना करते हुए पूरी टीम को केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक 2025 से सम्मानित किया है।यह पहली बार था जब झारखंड पुलिस ने एक साथ आठ नक्सलियों का सफाया किया था। मारे गए उग्रवादियों में प्रयाग मांझी और अरविंद यादव जैसे नाम भी शामिल थे, जो क्षेत्र में लंबे समय से आतंक फैलाए हुए थे। इस अभियान ने राज्य भर में सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाया था।गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची के अनुसार, इस मुठभेड़ में भाग लेने वाले 14 अधिकारियों और जवानों को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस टीम में पुलिस के उच्च अधिकारियों से लेकर जमीनी स्तर पर लड़ने वाले जवान तक शामिल हैं। सम्मानित अधिकारियों में आईजी अमोल वेणु कांत होमकर, माइकल राज, इंद्रजीत महता, सुरेंद्र कुमार झा और मनोज स्वर्गियरी के नाम शामिल हैं। इनके अतिरिक्त डिप्टी कमांडेंट मिथिलेश कुमार, सब इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार और मंटू कुमार, तथा कांस्टेबल दीनबंधु शेखर, पारस कुमार वर्मा, विकास कर्मकार, भागीरथ रजवार, शिवनंदन हांसदा और अजय मेहता को भी यह सम्मान दिया गया है।केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस वर्ष कुल 1364 अधिकारियों और जवानों को दक्षता पदक देने की घोषणा की है। इनमें झारखंड पुलिस के इन 14 वीरों के साथ-साथ जांच क्षेत्र के 93 और फोरेंसिक साइंस फील्ड के नौ विशेषज्ञ भी शामिल हैं। झारखंड के लिए यह सम्मान राज्य की पुलिस और सुरक्षा बलों की मेहनत व समर्पण का प्रतीक माना जा रहा है।लुगु पहाड़ मुठभेड़ ने झारखंड को नक्सल विरोधी अभियान में एक नई पहचान दी थी। राज्य पुलिस से लेकर केंद्रीय एजेंसियों तक ने इस ऑपरेशन की प्रशंसा की थी। अब केंद्र सरकार द्वारा दिया गया यह सम्मान उस सफलता को स्थायी मान्यता प्रदान करता है और सुरक्षा बलों की वीरता पर मुहर लगाता है।
लुगु पहाड़ में नक्सली अभियान की ऐतिहासिक सफलता, केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक से सम्मानित हुई झारखंड पुलिस की टीम

