चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के नक्सल प्रभावित सारंडा जंगल में नक्सलियों की कायराना हरकत से एक बार फिर मासूम की जान चली गई। जराईकेला थाना क्षेत्र के दीघा इलाके में मंगलवार सुबह नक्सलियों द्वारा पहले से लगाए गए आईईडी (IED) में विस्फोट हो गया, जिसकी चपेट में आकर 10 वर्षीय श्रेया हेरेंज की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन के अधिकारी और जवान मौके पर पहुंचे तथा क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया गया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि विस्फोट नक्सलियों द्वारा पहले से लगाए गए आईईडी के कारण हुआ।
पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी के संकेत पहले भी मिले थे और सुरक्षाबलों की गतिविधियों में बाधा डालने के लिए नक्सलियों ने कई जगह आईईडी लगाई थी।
गौरतलब है कि सारंडा क्षेत्र में इससे पहले भी कई बार ग्रामीण, पुलिस बल और सीआरपीएफ,कौबरा बटालियन के जवानों के अलावा जंगली पशु (हाथी) भी नक्सलियों के लगाए गए विस्फोटक की चपेट में आ चुके हैं। मंगलवार की सुबह हुई यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि नक्सली अपने उद्देश्य के लिए निर्दोष ग्रामीणों, खासकर बच्चों की जान लेने से भी नहीं हिचकिचाते। स्थानीय लोगों में नक्सलियों की इस अमानवीय हरकत को लेकर भारी आक्रोश है।

