चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने शनिवार को विधायक-सह-परिवहन मंत्री दीपक बिरूवा के आवास के आसपास शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है। यह कदम 27 अक्टूबर को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन और जुलूस को लेकर उठाया गया है। प्रशासन की ओर से इस दौरान आंदोलनकारियों को नजरबंद कर गुप्त स्थानों पर रखा गया।
सदर अनुमंडल पदाधिकारी संदीप अनुराग टोपनो ने बताया कि समाजसेवी रमेश बालमुचू एवं अन्य लोगों द्वारा NH-220 और NH-75E सड़कों पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और मौतों के विरोध में मंत्री दीपक बिरूवा के आवास के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन आयोजित करने की सूचना मिली थी। प्रशासन को आशंका है कि इस कार्यक्रम से शांति भंग और कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
इसलिए मंत्री आवास, अन्य सरकारी कार्यालयों, आवासों और खुंटकाटी मैदान के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू की गई है। यह आदेश 26 अक्टूबर की रात 8:00 बजे से धरना-प्रदर्शन की समाप्ति तक प्रभावी रहेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आदेश के तहत बिना अनुमति किसी भी प्रकार के हथियार, अग्नेयास्त्र, विस्फोटक पदार्थ या सभा-धरना का आयोजन प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही पांच या उससे अधिक व्यक्तियों का बिना अनुमति एकत्र होना भी निषिद्ध है। केवल ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी और वैदिक परंपरा के अनुसार शस्त्र धारण करने वाले समुदाय इससे मुक्त रहेंगे।

