जमशेदपुर। सनातन संस्कृति की महिमा, वेद-पुराणों की परंपरा और भक्ति की अमर भावना को पुनः जीवंत करने वाला एक भव्य आध्यात्मिक आयोजन मार्च 2026 में जमशेदपुर की धरती पर होने जा रहा है। सरायकेला खरसावां जिला स्थित रुगड़ी (डोबो) की पावन भूमि जो जमशेदपुर से सटा हुआ है, यहां पर 8 मार्च से 16 मार्च 2026 तक श्री 108 कुंडीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ, धर्म-संत सम्मेलन और नौ दिवसीय अखंड हरि नाम संकीर्तन का दिव्य आयोजन किया जाएगा, जिसका संचालन जमशेदपुर सनातन मित्र फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है।
जमशेदपुर सनातन मित्र फाउंडेशन के पदाधिकारी एवं सदस्य रविवार को यज्ञ स्थल और संत-महात्माओं के आवास स्थलों के निरीक्षण हेतु पहुंचे। इस अवसर पर पूज्य पुरुषोत्तम शास्त्री जी महाराज, दुर्गा भट्ट, अशोक पाण्डेय, स्वामी आनंद जी महाराज, सत्यनारायण दास जी महाराज, चंदन प्रमाणिक, शैलेश गुप्ता, मोहन कर्मकार, समाजसेवी अमित कुमार और लक्ष्य भारद्वाज सहित अनेक संत-महात्मा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। सबने इस आयोजन को सनातन धर्म के पुनर्जागरण का प्रतीक बताया और इसे सफल बनाने के लिए तन-मन-धन से सहयोग का संकल्प लिया।
यह आयोजन केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि समाज में आध्यात्मिक जागृति, नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना और युवा पीढ़ी को धर्म की ओर प्रेरित करने का प्रयास है। 108 कुंडीय महायज्ञ के माध्यम से विश्व शांति और लोककल्याण की कामना की जाएगी। यज्ञ के साथ ही श्रीमद्भागवत कथा, रामलीला, कृष्ण लीला, गौ-कन्या पूजन, यज्ञोपवीत संस्कार, सामूहिक विवाह और पर्यावरण संरक्षण जैसे विविध कार्यक्रमों से यह आयोजन सामाजिक समरसता और सेवा की भावना को भी प्रोत्साहित करेगा।
पूरे नौ दिनों तक रुगड़ी की धरती हरिनाम संकीर्तन से गुंजायमान रहेगी। संतों के प्रवचन और भक्तों के भजन-कीर्तन से वातावरण पूर्णतः भक्तिमय होगा। आयोजन समिति ने कहा कि यह महायज्ञ सनातन संस्कृति के दिव्य स्वरूप को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
संस्था ने सभी श्रद्धालुओं, भक्तों और समाजसेवियों से इस दिव्य आयोजन में अपनी सहभागिता, सेवा और दान के माध्यम से सहयोग करने की अपील की है ताकि यह महायज्ञ केवल रुगड़ी नहीं, बल्कि संपूर्ण झारखंड और देश के आध्यात्मिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय बन सके।
“आइए, रुगड़ी की पावन भूमि पर धर्म, भक्ति और मानवता की ज्योति जलाएं —
श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ बने युग परिवर्तन का शुभारंभ।”

