चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले में झारखण्ड पुलिस, कोबरा, के०रि०५० बल, झारखण्ड जगुआर और अन्य केन्द्रीय अर्द्ध सैनिक बलों द्वारा सभी नक्सली संगठनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है और इस दिशा में पुलिस को नक्सली संगठन के खिलाफ निरंतर सफलता भी मिल रही है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने शनिवार को संवाददाताओं को बताया कि प्रतिबंधित भा०क०पा० (माओ०) नक्सली संगठन के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु, अनल, असीम मंडल, अजय महत्तो, सागेन अंगरिया और अश्विन अपने दस्ता सदस्यों के साथ कोल्हान/सारंडा क्षेत्र में पुलिस और सुरक्षा बलों को नुकसान पहुँचाने तथा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए लगातार भ्रमणशील हैं।
उन्होंने बताया कि इन नक्सली दस्तों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए समय-समय पर प्राप्त सूचना के आधार पर झारखण्ड पुलिस, कोबरा, सी०आर०पी०एफ० और झारखण्ड जगुआर द्वारा अभियान संचालित किया जाता है। 09 और 10 अक्टूबर 2025 की रात को छोटानागरा थाना क्षेत्र के रातामाटी में नक्सलियों ने पुलिया को आईईडी लगाकर विस्फोट किया था। इस संबंध में छोटानागरा थाना में कांड संख्या 21/2025 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घटना में शामिल दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नक्सली अलब्रेट लोगगा उर्फ रेंगी लोमगा और विकास लोमगा उर्फ रापा लॉमगा उर्फ गवरी लोमगा उर्फ बालका लोमगा हैं। बरामदगी में 09 बोल्ट की बैट्री 22 पीस और लगभग 200 मीटर बिजली का तार शामिल है।
पुलिस अधीक्षक ने नक्सल गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों से अपील की है कि वे झारखण्ड सरकार की प्रत्यार्पण और पुनर्वास नीति का लाभ उठाएँ और समाज की मुख्य धारा से जुड़ें। अभियान दल में चाईबासा पुलिस और 2-सीआरपीएफ़ 26 बटालियन शामिल थे। नक्सल विरोधी अभियान अभी भी जारी है और पुलिस ने आगामी कार्रवाई की बात कही है।

