चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के करलाजोडी गांव में मंगलवार की रात एक 25 वर्षीय आदिवासी युवक ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर दी। मृतक की पहचान साधु चरण पुरती के रूप में हुई है।
परिजनों ने बताया कि साधु चरण पुरती लंबे समय से नशीले पदार्थों के सेवन का आदी था, जिससे उसकी मानसिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही थी। कुछ दिनों से उसने नशे की अधिक मात्रा का सेवन शुरू कर दिया था और परिवार के आग्रह के बावजूद वह इसे छोड़ने को तैयार नहीं था। मंगलवार शाम को वह नशे में घर लौट आया और अपने कमरे में चला गया। जब परिवार के सदस्य उसे रात में खाना खाने के लिए बुलाने गए, तब उसने जवाब नहीं दिया। बाद में खिड़की से देखा गया तो वह फांसी के फंदे में लटका हुआ था।
स्थानीय पुलिस ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और बुधवार को पोस्टमार्टम कराकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। मृतक साधु चरण पुरती मैट्रिक पास था, लेकिन आर्थिक और मानसिक परिस्थितियों के कारण आगे की पढ़ाई नहीं कर सका। इस आत्महत्या की खबर से गांव और आसपास के क्षेत्र में गहरा शोक फैल गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में लगी हुई है।

