चक्रधरपुर। पश्चिमी सिंहभूम जिला स्थित दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल के डांगुवापोसी में रविवार को एक दर्दनाक हादसे में इंजीनियरिंग विभाग के कर्मी पवन कुमार की मौत हो गई। उनकी मौत की जानकारी सोमवार को हुई।
जानकारी के अनुसार, पवन कुमार अपने रेल क्वार्टर में कपड़े टांगने के दौरान बिजली की चपेट में आ गए। बताया जाता है कि पूरे क्वार्टर में करंट दौड़ रहा था, जिसकी चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पवन कुमार रोजाना की तरह रविवार को ड्यूटी पूरी कर अपने आवास लौटे थे। देर रात जब वे कपड़े टांग रहे थे, तभी अचानक उन्हें बिजली का जोरदार झटका लगा। क्वार्टर में वायरिंग की खराबी के कारण पूरे घर में करंट फैल गया था। अगली सुबह सोमवार को जब वे ड्यूटी पर नहीं पहुंचे, तो सहकर्मी उनके घर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर देखा तो वे मृत अवस्था में पाए गए।
इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे रेल मंडल में शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मियों ने बताया कि पवन कुमार एक मेहनती, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी थे। उनके निधन से विभाग को अपूरणीय क्षति हुई है। रेलवे प्रशासन ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना जाहिर की है। अधिकारियों ने परिवार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
रेलवे प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि घटना के कारणों की गहराई से जांच की जाएगी और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने मंडल के अभियंता विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं। बताया जा रहा है कि पवन कुमार अकेले रहते थे और हादसे के बाद भी कोई इंजीनियरिंग सुपरवाइजर या अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। यह विभाग में संवेदनहीनता का उदाहरण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे आवासों में जर्जर वायरिंग और विद्युत सुरक्षा मानकों की अनदेखी इस तरह की घटनाओं को जन्म दे रही है।
यह दुखद हादसा न केवल एक कर्मठ कर्मचारी की जान ले गया, बल्कि रेलवे के बिजली रखरखाव तंत्र की खामियों को भी उजागर कर गया है। अब देखना यह होगा कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे क्या ठोस कदम उठाता है।

