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Wed. Mar 4th, 2026

पर्यावरण है तो हम हैं पर्यावरण सुरक्षित नहीं तो हम भी चैन की साँस नहीं ले पाएंगे: सुरेश सोंथालिया

आज आशियाना गार्डन सुनारी में आशियाना परिवार द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया । इस अवसर परआशियाना गार्डन में काफ़ी पौधे लगाये गए ।सोसाइटी के अध्यक्ष सह कैट के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री सुरेश सोंथालिया ने कहा कि पर्यावरण के इसी महत्व से सभी को अवगत कराने के लिए हर साल 5 जून के दिन विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का मकसद लोगों को पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कराना है. सरकारें चाहे जितनी भी कोशिश कर लें लेकिन अगर लोग अपने स्तर पर पर्यावरण को बचाने के लिए कदम नहीं उठाएंगे तो पर्यावरण संरक्षण नहीं हो पाएगा। सरकार कूड़ा हटा सकती है लेकिन कूड़ा फैलाने वाले जबतक नहीं रुकेंगे तबतक कूड़े का ढेर लगता रहेगा. पानी की खपत, बिजली का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल, प्लास्टिक का इस्तेमाल, पेड़ों की कटाई और प्रदूषण (Pollution) पर्यावरण को क्षति पहुंचाते हैं. ऐसे में बच्चों से लेकर बड़ों तक को पर्यावरण संरक्षण का महत्व पता होना जरूरी है जिससे धरती को साफ रखा जा सके, सुरक्षित रखा जा सके।

सोंथालिया ने कहा पर्यावरण के लिए सबसे खतरनाक चीजों में से एक वर्तमान में शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति होगा जो घर या बाहर प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करता होगा. प्लास्टिक ऐसा मटीरियल है जो सालोंसाल तक खत्म नहीं होता है जिस चलते पर्यावरण को इससे अत्यधिक नुकसान होता है. यह जमीन पर हो तो धरती पानी को नहीं सोख पाती और अगर समुद्र में डाली जाए तो जलीय जीवों के लिए खतरा बन जाती है. ऐसे में इस साल की थीम प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने और प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने के लिए चुनी गई है।

सोसाइटी के सचिव अशोक विहानी ने कहा

अपने स्तर पर कुछ आदतें (Habits) अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया जा सकता है. सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचें.

अपने घर के आंगन या बाल्कनी में पौधे लगाएं.

पोछे के पानी को फेंकने के बजाय बाथरूम की सफाई या पौधों में डालने के लिए इस्तेमाल करें. इस अवसर पर सचिव अनिल गोगना ने कहा

जरूरत से ज्यादा कपड़े ना खरीदें और कपड़ों को कूड़े में फेंकने की जगह जरूरतमंदों को पहनने के लिए दें.

प्लास्टिक बैग्स की जगह पर जूट के बैग्स या पेपर बैग्स का इस्तेमाल करें.

जब जरूरत ना हो तो बिजली के उपकरणों को बंद रखें.

यहां-वहां कूड़ा ना फैलाएं बल्कि कूड़ेदान में ही डालें।

आशियाना परिवार के सदस्यों ने पर्यावरण बचाने के लिए संकल्पित होने का वचन लिया ।इस अवसर पर महेश अग्रवाल, जुगल माहेश्वरी कैलाश,विनोद साहू,राजू सिंह,पिंटू झा,राजकुमार इत्यादि काफ़ी संख्या में लोग उपस्थित थे ।

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