जमशेदपुर: झारखंड की राजनीति में इन दिनों उबाल देखने को मिल रहा है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि उन्हें राज्य के वर्तमान पुलिस महानिदेशक (DGP) और केंद्र द्वारा निष्कासित वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनुराग गुप्ता से डर लगने लगा है।
मरांडी ने आरोप लगाया कि झारखंड में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और प्रशासनिक अधिकारी अब राजनीतिक दबाव में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “जिस अधिकारी को केंद्र सरकार ने गंभीर आरोपों के चलते सेवा से बर्खास्त किया, वही अब राज्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इससे साफ है कि सरकार अपराध और भ्रष्टाचार को खुला संरक्षण दे रही है।”
झारखंड में बेलगाम अपराध: कानून व्यवस्था पर उठ रहे सवाल”
झारखंड में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। प्रदेश के कई जिलों से हत्या, लूट, अपहरण और गोलीबारी जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
औद्योगिक शहर जमशेदपुर, कोयलांचल धनबाद और राजधानी रांची जैसे क्षेत्रों में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। हाल ही में जमशेदपुर के एक व्यस्त बाजार में दिनदहाड़े एक व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि धनबाद में कोचिंग से लौट रही एक छात्रा के अपहरण की खबर ने सनसनी फैला दी।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस प्रशासन अपराध पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल रहा है। जनता का भरोसा कानून व्यवस्था से डगमगाने लगा है।
विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार केवल सत्ता की राजनीति में व्यस्त है और आम लोगों की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता में नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने भी तीखा हमला करते हुए कहा, “झारखंड में जंगलराज जैसी स्थिति बन गई है। अपराधी बेखौफ हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।”

