जादूगोड़ा-टाटा मुख्य मार्ग पर गोड़ाडीह के समीप स्वर्ण रेखा परियोजना द्वारा बनाई गई पुलिया निरंतर दुर्घटना का कारण बनता जा रहा है। इससे पूर्व भी इसके बारे में जिला प्रशासन को विभागीय लापरवाही के बारे में जानकारी दी गई है। एक तो कुतुब मीनार जैसा ऊंची पुलिया का निर्माण कर दिया दूसरी ओर आज तक दोनों तरफ के पंहुंच पथ को भी अधूरी रख दी गई है। नारवा से जाने के क्रम में उक्त पुलिया के चढ़ते समय जो पंहुच पथ है सम्पूर्ण उबड़ खाबड़ है उसे अभी भी ढलाई नहीं किया गया है। दोनों तरफ के पंहुच पथों के रक्षक दीवारें नहीं होने के कारण नारवा तरफ की रास्ते को वर्षात के पानी की तेज बहाव से खाई बना दिया है जो दिन वो दिन ध्वसता जा रहा है। वर्षात से पूर्व अगर निर्माण कार्य पूरी नहीं कर ली गई तो आने वाली वर्षात में तेज पानी के बहाव से उक्त पंहुच पथ पुलिया से अलग भी हो सकती है। वर्तमान में भी इसकी जो स्थिति है मौत को निमंत्रण देने में कंही कोई कसर नहीं छोड़ रही है। हाल ही में एक टाटा मैजिक पसींजर लेकर पलट गई थी जिससे सारे सवारियों को घायल होना पड़ा था गनीमत था कोई प्राण हानि नहीं हुई। जादूगोड़ा तथा नारवा दो दो यूरेनियम माइंस की जैसे जरूरी आवागमन के मुख्य पथ पर जो अत्यंत व्यस्ततम पथ है और ना केवल साधारण गाडियां बल्कि दो पहियों से लेकर बड़ी बड़ी लॉरियां, बड़ी बड़ी बसें, एंबुलेंस, टेंपो आदि हरेक प्रकार की गाड़ियां निरंतर चलती रहती है। ऐसे में ये रास्ता दिन वो दिन जान लेवा साबित होती जा रही है। हर स्तर से सब को सूचना दिए जाने के बावजूद भी प्रशासन तथा जनप्रतिनिधि मौन है।बही पोटका के पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल पुन: इस विषय पर जिला उपायुक्त अनन्य मित्तल से मिले तथा अपने लेटर पैड पर लिखित शिकायत करते हुए उक्त पुलिया की निर्माण कार्य को अविलंब पूर्ण करवाने की अनुरोध कि गई।
पुलिया के वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी देते हुए कहा गया की वर्षांत से पूर्व काम पूरा नहीं होने पर उक्त रास्ते से अबागमन भी सम्पूर्ण ठप्प हो जायेगी। उपायुक्त अनन्य मित्तल द्वारा विषय को गंभीरता पूर्वक लेते हुए त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। मौके पर पूर्व पार्षद करुणामय मंडल ,डॉ.सुंदर लाल दास, मुनीराम बास्के, गौर चंद्र मंडल एवं अमर दास आदि मौजूद थे।

