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Wed. Mar 4th, 2026

Jamshedpur Gurudwara Politics: पूर्व में किए गए कार्य के बदले वोट मांग रहे मंटु- जोगी, मारवाह, राजा समेत पूरी टीम लगा रही ताकत

जमशेदपुर: के साकची गुरुद्वारा साहिब के प्रधान पद के लिए होने वाले चुनाव को लेकर दोनों पक्षों की तैयारियां जारी हैं ऐसे में विपक्ष के उम्मीदवार हरविंदर सिंह मंटू का बयान सामने आया है, जिसमे उन्होंने अपने ऊपर लग रहे इल्ज़ाम को गलत साबित करते हुए कहा कि मैने कभी भी किसी प्रकार का घपला नहीं किया है, हालांकि 31 मार्च को साकची गुरुद्वारा के वर्तमान प्रधान निशान सिंह ने साकची गुरुद्वारा के लंगर हॉल में प्रेस वार्ता कर संगत एवं अपनी टीम के साथ अपना पक्ष रखते हुए कई बातें कहीं थी, और उन्होंने विपक्ष को खुल कर जवाब दिया था साथ ही उनपर लग रहे इल्ज़ाम पर भी उन्होंने विपक्ष को चुनौति दी थी.

जिसके बाद अब साकची गुरुद्वारा के पूर्व प्रधान हरविंदर सिंह मंटू ने भी अपना पक्ष रखते हुए बुधवार को एक प्रेस वार्ता की जिसमें उन्होंने कहा कि मुझ पर लग रहे इल्ज़ाम बेबुनियाद हैं और उन्होंने संगत से अनुरोध करते हुए कहा कि मैने पूर्व में भी काम किया है और अगर मुझे संगत फिर से सेवा का मौका देती है तो मैं आगे भी सेवा भाव से कार्य करूंगा. साथ ही उन्होंने साकची गुरुद्वारा के वर्तमान प्रधान सरदार निशान सिंह से जवाब मांगा है कि जो 6 करोड़ 88 लाख रुपए खर्च हुए हैं उसका हिसाब संगत के समक्ष रखा जाए, साथ ही उन्होंने कहा कि हमने सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से भी हस्तक्षेप करने की मांग की है और अगर सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अगर इस मामले में हस्तक्षेप करती है और हमें न्याय दिलाने का काम करती है तो हमें प्रशाशन के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इधर वर्तमान प्रधान से अलग हुए जोगिंदर सिंह जोगी, देवेंद्र मारवाह उर्फ राजू मारवाह, पूर्व प्रधान गुरदेव सिंह राजा जैसे दिग्गज लोग खुलकर अपने उम्मीदवार के प्रचार में दम लगाते हुए दिख रहे हैं साथ ही हीरे, दीपू जैसे लोग भी हरविंदर सिंह मंटू का खुल कर समर्थन करते दिख रहे हैं.

उम्मीदवार मंटू के पोस्टर जगह जगह साटे जा रहे हैं. चुनावी मुद्दों को वोटरों के बीच रखा जा रहा है. आपको बता दें कि मंटू गुरु नानक सेवा दल के बैनर तले साल के अंतिम दिन विशाल समागम लगाते हैं. इसका भी उन्हें लाभ प्रचार में मिल सकता है रहा है. जिससे चुनावी जंग कांटे की टक्कर साबित हो सकती है. कुल मिलाकर इतिहास में जो कुछ चुनाव में देखने को नहीं मिला वह इस बार देखा जा सकता है.

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