Breaking
Sat. Jan 10th, 2026

जमशेदपुर पुलिस के इंस्पेक्टर संजय की कहानी दिल जीत लेगी, अब मुख्तार अंसारी के शूटर की जांच इन्हें मिली

जमशेदपुर: दुनिया में दो तरह के इंसान होते हैं—एक वे, जो अपने और अपने परिवार का भविष्य संवारने के लिए एक अच्छे पद को हासिल करने का प्रयास करते हैं, और दूसरे वे, जो खुद को आने वाली पीढ़ी के लिए मिसाल बनाने के इरादे से किसी पद को स्वीकार करते हैं।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की पहल

जमशेदपुर पुलिस के सीसीआर थाना प्रभारी शहर में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक नए फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) पर काम कर रहे हैं। यह सिस्टम बायोमेट्रिक तकनीक का उपयोग करके चेहरे की विशेषताओं के आधार पर लोगों की पहचान करेगा। योजना अभी शुरुआती चरण में है, और इसे मुंबई की एक आईटी टीम द्वारा विकसित किया जा रहा है।

क्या है फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम?
इस सिस्टम के तहत, अपराधियों के फोटो का एक डेटा बैंक तैयार किया जाएगा। जब किसी सीसीटीवी कैमरे से कोई संदिग्ध व्यक्ति कैद होगा, तो सॉफ्टवेयर उस तस्वीर को डेटा बैंक से मिलान करेगा। इससे पुलिस अपराधियों की पहचान तेजी से कर सकेगी और मामलों को सुलझाने में सहायता मिलेगी। वर्तमान में, पूरे शहर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, लेकिन इस सॉफ्टवेयर के अभाव में तस्वीरों से अपराधियों की सटीक पहचान करना संभव नहीं हो पा रहा है।

इंस्पेक्टर संजय: संघर्ष और सफलता की कहानी

“जहां चाह होती है, वहां राह भी खुद-ब-खुद बन जाती है।” इस बात को सच कर दिखाया है संजय कुमार ने। तमाम चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से वह मुकाम हासिल किया, जिसका उन्होंने हमेशा सपना देखा था।

लेकिन यह सफर सिर्फ संजय कुमार का नहीं है। यह उनकी पत्नी के परिश्रम और त्याग की भी कहानी है। यह उनके पिता के संघर्ष की भी कहानी है, जिन्होंने कभी अपने ज़ख्म छुपाए, तो कभी कई रातें भूखे रहकर गुज़ारीं, लेकिन अपने बेटे को थाना प्रभारी बना दिया।

झारखंड की पहली पुलिस, जिसने पीसीआर वैन में लगाए वीडियो कैमरे

जमशेदपुर पुलिस संभवतः झारखंड की पहली पुलिस इकाई होगी, जो पीसीआर वैन में वीडियो कैमरे लगाने की पहल कर रही है। इस पर तेजी से काम किया जा रहा है। वर्तमान में पीसीआर-14, पीसीआर-17 और पीसीआर-20 में कैमरे लगाए जा चुके हैं।

कैमरे लगाने का खर्च खुद वहन किया
इन वाहनों पर लगे कैमरों और टेलीविज़न का खर्च सीसीआर थाना प्रभारी संजय कुमार ने अपनी जेब से वहन किया है। उनका उद्देश्य है कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता बढ़ाई जाए और हर गतिविधि की निगरानी की जा सके।

अगले कुछ महीनों में सभी पीसीआर वैन होंगी कैमरा-लैस

माना जा रहा है कि अगले कुछ महीनों में सभी पीसीआर वाहनों को हाई-डेफिनिशन कैमरों से लैस कर दिया जाएगा। प्रत्येक पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) वैन में दो कैमरे होंगे—
1. एक स्थिर (फिक्स्ड) कैमरा, जो हमेशा एक ही दिशा में रिकॉर्ड करेगा।
2. एक मूवेबल (घूमने वाला) कैमरा, जिसे पीसीआर में बैठा अधिकारी किसी विशेष परिस्थिति में उपयोग कर सकेगा।

कैमरे इस तरह लगाए जाएंगे कि वे सामने और पीछे की सभी गतिविधियों को स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड कर सकें। इससे पुलिस को अपराधियों पर नजर रखने और त्वरित कार्रवाई करने में काफी सहायता मिलेगी।

एक नई सोच, एक नई पहचान

“इंसान का जन्म दो बार होता है—एक बार माता-पिता की संतान बनकर, और दूसरा तब, जब उसे अपने जीवन का लक्ष्य मिल जाता है।”

इसी विचार को ध्यान में रखते हुए संजय कुमार जमशेदपुर पुलिस में नए बदलाव ला रहे हैं। उनकी पहल न केवल अपराध नियंत्रण में मदद करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।

Related Post