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Thu. Feb 5th, 2026

रांची में युवा आक्रोश रैली के दौरान पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प…

रांची: -आज (शुक्रवार) को मोरहाबादी मैदान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के युवा मोर्चा द्वारा आयोजित “युवा आक्रोश रैली” के दौरान पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस रैली का उद्देश्य हेमंत सरकार के खिलाफ विरोध जताना और पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरना था। रैली में प्रदेश के कई शीर्ष भाजपा नेताओं की उपस्थिति रही और हजारों युवा कार्यकर्ता शामिल हुए।

रैली के दौरान स्थिति तब बिगड़ गई जब भाजपा कार्यकर्ताओं ने हेमंत सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और उग्र हो गए। कार्यकर्ताओं के उग्र होने पर पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने और पानी की बौछार का इस्तेमाल करना पड़ा। देखते ही देखते मोरहाबादी मैदान एक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लिया।

प्रदर्शनकारियों ने शिबू सोरेन के आवास की ओर जाने वाले मार्ग पर लगी बैरिकेडिंग को तोड़ने का प्रयास किया। इसे रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और रॉकेट वाले पटाखों का इस्तेमाल किया। इस दौरान, सभा स्थल के पास भी आंसू गैस के गोले गिरने से लोगों को जलन और असहजता का सामना करना पड़ा।

इस संघर्ष के दौरान बोकारो नगर अध्यक्ष युवा मोर्चा विशाल गौतम सहित पांच भाजपा कार्यकर्ता घायल हो गए। पुलिस ने सूचना भवन मोरहाबादी जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग के पास पहुंचे कार्यकर्ताओं को समझाकर वापस मंच की ओर भेजने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति काबू में नहीं आ सकी।

रैली के कारण राजभवन से बरियातू जाने वाले मार्ग पर भारी जाम लग गया, जिससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। डोगरी लाइन के पास रास्ता बंद होने के कारण पुलिस प्रशासन और जनता के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। कई घंटों के बाद, पुलिस ने अस्थायी रूप से मार्ग को खोलने का निर्णय लिया, जिससे कुछ राहत मिली।

युवा आक्रोश रैली ने रांची में एक बार फिर राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है। भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुए इस टकराव ने न केवल शहर की शांति भंग की बल्कि आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। यह घटना दिखाती है कि राज्य में राजनीतिक माहौल कितना गर्म हो चुका है और आने वाले समय में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

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