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Thu. Feb 5th, 2026

कहानी एक ऐसे शख़्सियत की हर दिन कैंसर मरीज़ों को निःशुल्क भोजन कराने वाला मसीहा: क़ेदारनाथ जयसुका

क़ेदारनाथ जयसुका

जमशेदपुर:आज के समय में जहां लोग अपनी जीवन की भागदौड़ में व्यस्त रहते हैं, वहीं एक व्यक्ति ने दूसरों की सेवा को अपना धर्म बना लिया है।क़ेदारनाथ जयसुका एक साधारण नागरिक, हर दिन कैंसर मरीज़ों को अपने हाथों से भोजन बनाकर खिलाते हैं। उनकी इस सेवा भावना ने उन्हें पूरे शहर में एक मसीहा बना दिया है।

श्री जयसुका बताते हैं,वर्ष 2022 से अब तक 27 महीनों का ये सफ़र देखते देखते गुज़र गया इस सेवा कार्य में।वे खुद खाना बनाते हैं और फिर अस्पतालों में जाकर कैंसर के मरीज़ों को भोजन परोसते हैं। उनका कहना है, “कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को न केवल दवाइयों की जरूरत होती है, बल्कि प्यार और सहारे की भी उतनी ही आवश्यकता होती है। मैं बस यही कोशिश करता हूं कि उन्हें पौष्टिक और प्यार से बना हुआ भोजन मिल सके।”

शहर के नमन संस्था के संस्थापक व अमेरिका के मिशिगन में रहने वाली डॉक्टर आख्या कहती हैं,मौजूदा दौर में ऐसे इंसान को भगवान का दूसरा रूप कहते हैं।जमशेदपुर शहर के पूर्व एसएसपी प्रभात कुमार ने इस कार्य की सराहना की है। उनका कहना है कि मरीज़ों के स्वास्थ्य पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। “जब मरीज़ों को स्वादिष्ट और घर का बना हुआ भोजन मिलता है, तो उनकी भूख बेहतर होती है और इससे उनकी रिकवरी भी तेजी से होती है,”कैंसर के हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट डॉक्टर अरुण कुमार कहते हैं,
इस नेक कार्य में अब कई लोग सहयोग देने लगे हैं। स्थानीय लोग और कुछ सामाजिक संस्थाएँ भी उनके साथ जुड़ गई हैं और इस अभियान को और बड़ा करने की दिशा में काम कर रही हैं। केदारनाथ का सपना है कि कोई भी कैंसर मरीज़ भूखा न सोए, और वे इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं।

उनके इस अद्वितीय सेवा कार्य ने समाज को एक नया दृष्टिकोण दिया है कि कैसे छोटी-छोटी कोशिशें भी बड़े बदलाव ला सकती हैं। श्री जयसुका ने यह साबित कर दिया है कि जब सेवा का जज़्बा सच्चा हो, तो कोई भी मुश्किल राह आसान हो सकती है।

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