जमशेदपुर: यदि किसी क्षेत्र में अपराध की घटनाएं बढ़ जाती हैं, तो लोग अपने घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं करते और इस डर से सो नहीं पाते कि कहीं उनके साथ भी कुछ अनहोनी न हो जाए।मौजूदा वक्त में जमशेदपुर शहर के विभिन्न इलाकों से ऐसी ही ख़बरें मिल रही हैं। जुगसलाई, साकची, और बिस्टूपुर जैसे इलाकों में, जहां समाज के आर्थिक रूप से मज़बूत वर्ग के लोग रहते हैं।हाल के दिनों में अपराधियों द्वारा फिरौती मांगे जाने की घटनाएं बढ़ गई हैं।
पुलिस के पीछे अपराधी या अपराधी के पीछे पुलिस:हालिया घटनाओं को देखें तो शहर में ऐसा ही परिस्थिति कमोबेश बनी हुई है।
अपराध की दुनिया का नाम,मनीष सिंह जमशेदपुर के एक कुख्यात अपराधी के रूप में जाना जाता है,जो झारखंड के जमशेदपुर क्षेत्र में सक्रिय है।उसका नाम विभिन्न संगीन अपराधों जैसे हत्या, रंगदारी, और अवैध गतिविधियों से जुड़ा हुआ था।
मनीष सिंह का अपराधी करियर:
मनीष सिंह ने अपनी पहचान जमशेदपुर में एक बाहुबली के रूप में बनाई है।वह कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल था और उसने अपने आपराधिक नेटवर्क का विस्तार किया। मनीष सिंह पर हत्याओं, रंगदारी मांगने, और धमकी देने के मामले दर्ज हैं।
अपराधियों की गिरफ़्तारी में पुलिस के रवैये में फ़र्क़ क्यों?
शहर के एक निजी बिश्वविद्यालय में कार्यरत प्रोफेसर,नाम न छापने की शर्त पर कहती हैं।ट्रांसफ़र पोस्टिंग के नाम पर पैसों की उगाही हर थाने से लाखों रुपये की आमदनी की कमाई के कारण अपराधियों के मनोबल में वृद्धि होती है।अपराधियों को मौजूदा दौर के आकलन का अनुमान लग चुका है,जिसके कारण पुलिस कमज़ोर हो रही है।
अपराध की दुनिया में युवा क्यों रख रहे क़दम?
गरीबी: गरीबी और बेरोजगारी के कारण कुछ युवा जल्दी पैसे कमाने के लालच में अपराध की दुनिया में कदम रखते हैं। उनके पास शिक्षा या रोजगार के अवसर सीमित होते हैं, जिससे अपराध का रास्ता उन्हें आसान लगता है।
सामाजिक दबाव और संगति: कई बार युवा अपने दोस्तों या समूह के दबाव में आकर अपराध की दुनिया में प्रवेश कर जाते हैं। गलत संगति और अपराधी समूहों का प्रभाव भी एक महत्वपूर्ण कारक हो सकता है।
शिक्षा और परामर्श की कमी: शिक्षा और जीवन मूल्यों की कमी के कारण कुछ युवा गलत दिशा में चले जाते हैं। उन्हें सही और गलत के बीच का अंतर समझने का मौका नहीं मिलता।
मनोवैज्ञानिक कारण: कुछ युवा मानसिक और भावनात्मक समस्याओं से जूझते हैं। इन समस्याओं का सही उपचार न मिलने पर वे अपराध की ओर आकर्षित हो सकते हैं।

