जमशेदपुर -:आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल जमशेदपुर की ओर से पटमदा के रांगाटांड़ गांव में लगभग 150 साड़ी वितरित की गई। साड़ी वितरण के बाद, गांववासियों को भक्ति और कीर्तन के महत्व पर सुनील आनंद ने विचार साझा किए।
सुनील आनंद ने कहा कि खेती का समय और सावन का महीना देखते हुए, खेत में जाने से पहले 5 मिनट कीर्तन करना चाहिए। इससे कार्य की तामसिकता समाप्त होती है और सफलता की प्राप्ति होती है। उन्होंने कीर्तन को एक उच्चतम भावनात्मक अभ्यास बताया जो अशांति, तनाव और चिंता से मुक्ति दिलाता है।
सुनील आनंद के अनुसार, कीर्तन हमें ईश्वर के साथ गहरा संबंध बनाने में मदद करता है और आन्तरिक शक्ति को प्रकट करता है। यह संकल्पनाशक्ति, विचारशक्ति और कार्यशक्ति को जागृत करता है, जो हमें सफलता, आनंद और समृद्धि की ओर अग्रसर करती है।
उन्होंने कीर्तन के माध्यम से प्राप्त आत्मिक और मानसिक स्वतंत्रता पर भी चर्चा की, जो समाज के बंधनों से मुक्ति दिलाती है। कीर्तन प्रेम, सहानुभूति और एकाग्रता का अनुभव कराता है, और जीवन को सुखी और समृद्ध बनाता है।
अंततः, सुनील आनंद ने बताया कि कीर्तन सच्चे सुख और आनंद का मार्ग प्रदान करता है, और हमें परम शांति की अवस्था में ले जाता है, जहां हम ईश्वरीय प्रेम और आनंद का अनुभव कर सकते हैं।

