आज सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में टैक्स क्लिनिक का आयोजन किया गया। आज इस क्लिनिक में जीएसटी में नये बदलावों से व्यवसाय में होने वाले प्रभावों पर चर्चा की गई।
सर्वप्रथम सचिव पीयूष कुमार चौधरी, वित्त एवं कराधान द्वारा सभी उपस्थित पेशेवरों एवं सदस्यों का स्वागत किया गया। तत्पश्चात पूर्व अध्यक्ष सुरेश सोंथालिया ने जीएसटी के जटिल प्रावधानों और इससे व्यवसायियों को हो रही समस्याओं पर चिंता जाहिर की गई।
व्यवसायी पवन नरेडी ने बताया की बाज़ार समिति शुल्क पर सरकार को अपना रुख साफ करना चाहिए एवं उसे पूर्ण रूप से खत्म करने की घोषणा करनी चाहिए । श्री सतीश सिंह ने आग्रह किया की विभाग से जी.एस.टी. निबंधन को रद्द करवाने में काफी जद्दो-जहद करनी पड़ती है अतः इसे सरल एवं समय बध् करने की आवश्यकता है। एक अन्य व्यवसाइ ने झारखंड सरकार द्वारा होल्डिंग टैक्स में बेपनः वृद्धि का मुद्दा उठाया! पूर्व सचिव श्री भरत वसानी ने आग्रह किया की यदि किसी व्यवसायी की मृत्यु हो जाती है तो जी. एस. टी. में उसके वंशज को नया निबंधन करवाना पड़ता है! यह एक बेहद जटिल एवं खर्चीली प्रक्रिया है! केंद्र सरकार को इसका कोई सरल समाधान निकालना चाहिए!
उपाध्यक्ष सी.ए. दिलीप गोल्छा एवं सचिव पीयूष कुमार चौधरी , अधिवक्ता ने विभिन्न मुद्दों पर कानून का रुख साफ किया एवं सभी के सूझाओ को गंभीरता से राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के पास उठाने का आश्वासन दिया !!
उक्त टैक्स क्लिनिक में सरकार द्वारा जारी अन्य अधिसूचनाओं के बारे में भी चर्चा की गई ।
आज की टैक्स क्लिनिक में अध्यक्ष विजय आनंद मूनका, पूर्व अध्यक्ष सुरेश सोंथालिया, उपाध्यक्ष नितेश धूत, पूर्व महासचिव भरत वसानी, अधिवक्ता सतीश सिंह, अधिवक्ता अजय अग्रवाल एवं विभिन्न क्षेत्रों से आये व्यवसायी एवं उद्यमी उपस्थित थे।

