*स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरित हुए सी.आर. पी. एफ .जवान*
लातेहार अजय सिन्हा की रिपोर्ट
लातेहार :-जिला मुख्यालय स्थित 214 बटालियन सी.आर.पी. एफ. परिसर में एक कार्यशाला का आयोजन हुआ जिसमें स्वामी विवेकानंद के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण की दिशा में जीवन समर्पित करने का मूलमंत्र दिया गया। रामकृष्ण मिशन, रांची से संबंधित विशिष्ट अतिथि स्वामी अजापानंद ने अपने सारगर्भित भाषण में कहा कि एक सन्यासी और जवान का जीवन चक्र सेवा और समर्पण का अनूठा संगम है और दोनों ही क्षेत्र का अंतिम उद्देश्य देश की अनवरत सेवा है। स्वामी विवेकानंद ने रामकृष्ण मिशन की स्थापना आज से 125 साल पहले की जो शिक्षा ,बुनियादी स्वास्थ्य, कौशल विकास और कृषि के नवाचारी प्रयोगों से समाज के गरीब और वंचितों को स्वावलंबी बना रहा है। दूसरी तरफ सी.आर.पी. एफ. भी झारखंड के दुरूह और अंदरूनी क्षेत्रों में निरंतर अभियानों से ग्रामीणों में भयमुक्त माहौल पैदा कर रहा है जिससे लोग विकास की दिशा में अग्रसर है। स्वामी विवेकानंद ने युवाओं से आह्वान किया था कि सतत कर्मयोग से भारत को विश्व पटल पर अव्वल स्थान हासिल होना संभव होगा । उन्होंने “उठो,जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य ना मिल जाए” का उद्घोष किया था । आंतरिक सुरक्षा के कर्तव्यों का निर्वहन जोश और जिंदादिली से करते हुए लक्ष्य पर सदैव सजग इस बल के जवान देश के युवाओं के लिए प्रेरक हैं। कार्यक्रम के समापन में उन्होंने सभी जवानों को ‘ स्वामी विवेकानंद के अग्नि मंत्र’ पुस्तिका भेंट की और आश्रम का प्रसाद सप्रेम वितरित किया। संगोष्ठी में अन्य अतिथि स्वामी प्रभुनमानंद, स्वामी सुखोमायानंद एवं श्री रणधीर पराशर थे । श्री अभिनव आनन्द,प्रभारी कमांडेंट के साथ श्री संदीप कुमार शर्मा, डिप्टी कमांडेंट और मो. शाहिद मासूम, डिप्टी कमांडेंट ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया।

