डी एम एफ टी योजना में भारी लूट एवं अनियमितता।
1 इंच भी मिट्टी नहीं गड्ढा और निकालकर बंदरबांट कर लिए गए
लाखों रुपए।
जमीन मालिक ने पत्रकारों को बताई अभियंता तथा बिचौलियों की मनमानी और कारस्तानी।
अभियंता ने कहा नहीं निकाली गई है राशि, जिले की रिपोर्ट गलत।
जिले की रिपोर्ट को झूठला रहे हैं अभियंता
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मुकेश कुमार सिंह
चंदवा प्रखंड के डीएमएफटी योजना के क्रियान्वयन हेतु चयनित मालहन पंचायत में संचालित योजनाओं में अभियंताओं, बिचौलियों एवं संवेदकों द्वारा भोले – भाले गरीब आदिवासी ग्रामीणों को ठग तथा बेवकूफ बनाकर भारी लूट एवं घोटाला कर सरकारी राशि की बंदरबांट की जा रही है।
मालहन पंचायत अंतर्गत गनियारी गांव के योजना संख्या 167/ 21- 22′ सलैया डीह में तालाब निर्माण’ जिसकी प्रक्लित राशि 19 लाख 61 हजार सात सौ है। इस योजना में जुलाई 2022 तक 1 इंच भी जमीन निर्धारित स्थल पर नहीं खोदी गई है परंतु विगत मार्च 2022 माह में ही जिले में संपन्न निगरानी एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में इस योजना में कार्य प्रगति पर बतलाते हुए अन्य सभी तालाबों की तरह इस तालाब में भी योजना की आधी राशि 9 लाख, 80 हजार, 8 सौ,50 रुपए निकासी किए जाने की रिपोर्ट दर्ज है।
ज्ञातव्य हो कि उक्त तालाब निर्माण योजनाओं का क्रियान्वयन सारे नियम कानूनों को ताक पर रखते हुए एनआरईपी विभाग द्वारा विभागीय स्तर पर करवाया जा रहा है। इन सारे तालाब निर्माण योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति विगत 9 दिसंबर 2021 को ही मिल चुकी है। माल्हन पंचायत में डीएमएफटी फंड से 7 तालाब निर्माण की योजनाएं ली गई थी। बाकी 6 तालाबों में तो कार्य लगाया गया है परंतु इस तालाब में 1 इंच भी जमीन नहीं खोदी गई है। इस संबंध में उक्त योजनाओं का अभिकर्ता के रूप में एकरारनामा कर क्रियान्वयन करा रहे जूनियर इंजीनियर मनीष कुमार से बात की गई तो उन्होंने जिले की रिपोर्ट को ही गलत ठहरा दिया।
इस संबंध में माल्हन पंचायत के दौरे के क्रम में जिस जमीन पर तालाब खोदी जानी है उस जमीन के मालिक नीरज कुमार ने बतलाया कि पहले जब इस योजना का दस्तावेज तैयार करवाया जा रहा था तो इस योजना को गांव में लाभुक समिति का चयन कर क्रियान्वित करने की बात कही गई थी इस आधार पर हम लोगों ने अपने जमीन पर तलाब खोदे जाने के लिए कागजात उपलब्ध करवाए थे परंतु बाद में सेटिंग- गेटिंग कर इस काम को विभागीय करवा दिया गया।
इस बात की जानकारी जब मुझे मिली तो मैं कनीय अभियंता मनीष कुमार जिनके नाम से इस योजना के क्रियान्वयन का एकरारनामा किया गया है के पास गया और योजना के संबंध में जानकारी ली तो उन्होंने मुझसे कहा कि इस योजना में 50 परसेंट पीसी (कमिशन) काट कर आपको भुगतान किया जाएगा काम करना है तो कीजिए अन्यथा मत कीजिए इस बात का समर्थन वहां मौजूद 2-3 बिचौलियों ने भी किया। 50 परसेंट कमीशन काटने की बात सुनकर मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई और मैंने इनकार कर दिया क्योंकि 50 परसेंट यहां पीसी देने के बाद योजना का ठीक ढंग से निर्माण करना एवं उसे उपयोगी बनाना जो हम लोगों ने सोचा था संभव नहीं था। यह सोच कर मैंने योजना क्रियान्वित करने से इंकार कर दिया।
कुछ दिन बाद मुझे बिचौलियों द्वारा फिर से खबर करवाया गया कि काम करना है तो कर लो नहीं तो तुम्हारी योजना को कैंसिल कर दिया जाएगा। मेरे द्वारा पुन: इनकार करने पर वह लोग चले गए मैंने भी सोचा की योजना कैंसिल करा दी गई है ,परंतु जब जिले की यह रिपोर्ट मैंने देखी तो मुझे पता चला कि योजना कैंसिल नहीं हुई है और इसमें कार्य प्रगति पर दिखाते हुए आधी राशि की निकासी कर ली गई है।
जमीन मालिक ने इस लूट पर गुस्सा जाहिर करते हुए उपायुक्त लातेहार से इस लूट की योजना की जांच कर दोषी लोगों पर कार्रवाई करने एवं सच्चाई सामने लाने का अनुरोध किया है ताकि ग्रामीणों को योजनाओं का सही लाभ तथा इंसाफ मिल सके साथ ही भ्रष्ट अभियंता तथा बिचौलियों की पोल खुल सके।
इस संबंध में झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय समिति सदस्य दीपू कुमार सिन्हा से बात करने पर उन्होंने कहा कि माल्हन पंचायत अभियंताओं, बिचौलियों एवं ठेकेदारों का लूट का अड्डा बना हुआ है और इस पंचायत में क्रियान्वित हो रही सभी विकाश योजनायें चाहे वह किसी भी विभाग या फंड की हो में भारी लूट की गई है। यहां कई योजनाओं में भारी प्राक्कलन घोटाला भी हुआ है ,इस योजना में तो लूट की हद ही हो गई है। उन्होंने कहा कि वे माल्हन पंचायत में संचालित सभी विकास योजनाओं का कार्यस्थल पर जाकर जांच कर रहे हैं और बहुत जल्द ही लिखित रूप में यहां बरती गई अनियमितता एवं लूट की शिकायत उपायुक्त लातेहार से करेंगे। राज्य में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में लोकप्रिय एवं जनप्रिय सरकार चल रही है जिसे बदनाम करने के लिए विरोधी पक्ष के तमाम बिचौलिए एवं दलाल सक्रिय हैं इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शीघ्र ही इस लूट एवं बंदरबांट का पर्दाफाश करते हुए ग्रामीणों को न्याय एवं इंसाफ दिलवाया जाएगा।
इधर कॉग्रेस प्रखण्ड अध्यक्ष सह राज्य सभा सांसद प्रतिनिधि असगर खान ने भी डीएमएफटी योजनाओ में घोटाला होने पर लातेहार उपायुक्त भोर सिंह यादव से मांग किया है कि सभी योजनाओं का जांच किया जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

