*आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा किया जा रहा है घोर अनियमितता*
*बच्चों के फर्जी हाजिरी बना कर आंगनबाड़ी सेविका अपना पॉकेट गरम कर रहे हैं।*
लातेहार संवाददाता धीरज कुमार की रिपोर्ट
लातेहार थाना क्षेत्र अंतर्गत कुरा इचाक एवं बानपुर आंगनबाड़ी केंद्र मैं बरति जा रही है घोर अनियमितता संवाददाता ने जब आंगनबाड़ी केंद्रों जांच किया तो पाया कि आंगनबाड़ी खुलने का समय सुबह 7:00 बजे से 12 लेकिन कुरा आंगनबाड़ी केंद्र बंद था। इसी क्रम में इचाक आंगनबाड़ी सेविका सुशीला देवी केंद्र से गायब थी। बानपुर आंगनबाड़ी सेविका सुनीता देवी से संवाददाता ने बात किया तो संयुक्त द्वारा संतुष्ट रूप से कोई भी जवाब नहीं दिया गया।

जब बच्चों की उपस्थिति रजिस्टर देखा गया तो पाया गया कि पिछले 15 दिनों से सभी बच्चे उपस्थित हैं सभी का हाजिरी बना हुआ था लेकिन जांच के दौरान बच्चे उपस्थित नहीं थी। उपस्थिति रजिस्टर मैं भी बच्चों का उपस्थिति दर्ज नहीं किया गया था । इस बारे में सेविका से पूछा गया तो सेविका ने कुछ भी नहीं बताया जांच के दौरान मात्र आंगनबाड़ी में 5 से 6 बच्चे उपस्थित थे। लेकिन रजिस्टर में 24 से 28 बच्चों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है।

वहीं पिछले 3 दिनों से बच्चों की उपस्थिति भी दर्ज नहीं किया गया था। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के फर्जी हाजिरी बना कर आंगनबाड़ी सेविका अपना पॉकेट गरम कर रहे हैं। एक तरफ सरकार बाल विकास परियोजना को बच्चों के कुपोषण को दूर करने के लिए करोड़ों रुपए देती है।

वहीं दूसरी ओर आंगनबाड़ी सेविकाओं के द्वारा बच्चों की फर्जी हाजिरी बनाकर सरकारी धनराशि का सिर्फ और सिर्फ दुरुपयोग किया जा रहा है अधिक बच्चों की उपस्थिति दिखाकर पैसा की उगाही किया जा रहा है । सेविकाओं द्वारा हजारों रुपए का बचत करना आम बात हो गया है सूत्रों की माने तो बच्चों के कटौती का पैसा वरीय अधिकारी तक जाता है जिसके कारण आंगनबाड़ी केंद्रों का जांच सही ढंग से नहीं किया जाता है।

बता दें कि आंगनबाड़ी केंद्र खोलने का समय 7:00 बजे है, लेकिन समय से आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खोला जा रहा है। आंगनवाड़ी केंद्र 9:00 से 10 बजे केंद्र सेविकाओं द्वारा खोला जा रहा है और बच्चों को सादा खिचड़ी खिलाकर घर भेज दिया जाता है।
*कुरा आंगनबाड़ी केंद्र की हालत है जर्जर*

*कुरा आंगनबाड़ी कैसे चल रहा है, आंगनबाड़ी केंद्र में जाने से लगता है डर*
कुरा आंगनबाड़ी केंद्र सेविका ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र चलाने की स्थिति में नहीं है, आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह से जर्जर हो गया है कभी भी किसी भी तरह की दुर्घटना हो सकती है

इस बात की जानकारी लिखित आवेदन में सुपरवाइजर अरुणा मैडम को दे दिया गया है। अरुणा मैडम से किराए की मकान में केंद्र चलाने की अनुमति मांगी थी लेकिन अभी तक अनुमति नहीं मिला है फिर भी अपने घर के बगल में केंद्र चला रहे हैं। इस बात की पुष्टि के लिए सुपरवाइजर अरुण अरुण मैडम को फोन लगाया गया लेकिन फोन उठाना मुनासिब नहीं समझी।


