झामुमो कांग्रेस और माकपा की पहल से
को गांव से निकलने के लिए रेलवे का बना रास्ता एक पानी भी नहीं झेल पाएगी
चंदवा संवाददाता मुकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट
झामुमो कांग्रेस और माकपा ने ग्रामीणों से मुलाकात की
रेलवे द्वारा निर्माण हुए नए रास्ता का मुआयना किया
शीघ्र ही मांगे नहीं माने जाने पर रेल परिचालन बाधित करने की दी चेतावनी
चंदवा। झामुमो के केंद्रीय समिति सदस्य सह पूर्व जिला प्रवक्ता दीपू कुमार सिन्हा, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि असगर खान और माकपा के पूर्व जिला सचिव अयुब खान ने
टोरी – लोहरदगा रेलखंड स्थित पंचायत बोदा के बियरजंघा हेंदेहास के समीप उपरोक्त गांव के ग्रामीणों को गांव से बाहर निकलने के लिए रेलवे विभाग द्वारा बनाए गए रास्ता एक पानी भी नहीं झेल पाएगी और वह रास्ता तलाब में तब्दील हो जाएगा,

नेताओं और ग्रामीणों ने बताया कि बिना अंडर ब्रिज बनाए रेल पटरी होकर गुजरने वाले रास्ता को रेलवे विभाग द्वारा दोनों तरफ से पिलर लगाकर बंद किए जाने से बियरजंघा, हेंदेहास, बोदा, फुलटांड़, अम्बाटोली के ग्रामीणों को आने जाने में काफी परेशानी हो गई थी, इससे रेल विभाग के प्रति ग्रामीणों में रोष फैल गया था
रास्ता बंद किए जाने के विरोध में रास्ते पर ही नेताओं के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर आरपीएफ इंस्पेक्टर कमलेश सोरेन को डीविजनल रेल प्रबंधक
दक्षिण पूर्व रेलवे डिवीजन रांची के पदनाम ज्ञापन सौंपा था जिसमें अंडरब्रिज पास बनाने और सभी ट्रेन एवं एक्सप्रेस ट्रेनों को बोदा में हॉल्ट देने की मांग की गई थी,
रेलवे विभाग द्वारा बनाए गए नए रास्ता को देखकर गांव से लौटकर नेताओं ने बताया कि रेलवे लाईन से सटाकर रेलवे विभाग जो नया रास्ता बनाया है वह एक पानी भी नहीं झेल पाएगा, रास्ते में लीपापोती की गई है, रास्ता में एक दो इंच लाल मोरम छिड़कर शिर्फ लाल कर दिया गया है, पानी निकलने के लिए बनाए गए नाले से निकलने के लिए रास्ता दी गई है उसमें बरसात में हमेशा पानी भरा रहेगा, इस रास्ते से शिर्फ सुखा मौसम में पैदल चला जा सकता है, चार पहिया वाहन जा ही नहीं सकता है, नाम का रास्ता देकर रेलवे विभाग ने ग्रामीणों को छलने का काम किया है, इससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति रोष कम होने के बजाय और रोष बढ़ गया है, नेताओं ने कहा कि रेल प्रशासन अंडरब्रिज का निर्माण और बोदा में ट्रेन हॉल्ट जल्द नहीं किया गया तो रेल का परिचालन बाधित किया जाएगा, इस अवसर पर मो0 सेराज, मो0 अमान, जयमंगल गंझु, महमुद अंसारी, बसंत गंझु, पागु गंझु, बैजु गंझु, मोहन भुइंया, बिशुन गंझु, महेश भुइंया, पुतुन गंझु, रुपेश गंझु, मुनेश्वर भुइंया, भोला गंझु, संजय बरजो, छटु गंझु, संतोष गंझु, रामलगन गंझु, मुनेश्वर गंझु, निर्मल भेंगरा, परबिल गंझु, जयमनी देवी, सनिचरीया देवी, कमली देवी, बबीता देवी,

बिशुन गंझु, बसंत पुजार, सेराज अंसारी, निर्मल भेंगरा, छटु गंझु, दुलरी होरो, कृष्णा गंझु, फुतनू गंझु, मार्टीन बारला, मारकूश भेंगरा, बैजू गंझु, रमेश गंझु, साधू गंझू, संतोष गंझु, सुरेश सुरीन, मोहन भुइंया, सुसारण बरजो, शंकर बारला, रूपा देवी, हिरा देवी, चंन्द्रमनी देवी, शनिचरीया देवी, जुनस मुंडा, अजय गंझु, बिरसा टोपनो, मुनेशर भुइंया, सावित्री देवी, कमली देवी, मनोज भोग्ता, कमल गंझु, लेटवा बरजो, राजु कुमार, बेनेदिक सुरीन, दिवाली गंझु, लेदा मुंडा, कारू बरजो, राजेंद्र गंझु, सधु गंझु, मोहनी देवी, संजय गंझु, ननकु गंझु, बिगन गंझु, बलेशर गंझु, सकिंन्दर महली, अनिल महली, बबन बारला, रामलगन गंझु, परबिल गंझु, राजु कुमार, नकुल गंझु, बिगन गंझु सहित बड़ी संख्या में महिला पुरुष शामिल थे।

